नई दिल्ली: मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के ग्रह जनपद गोरखपुर में बीआरडी कॉलेज में हुए ऑक्सीजन कांड में निलंबित डॉक्टर काफील खान तमाम आरोपों से बरी कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में अगस्त 2017 में ऑक्सीजन की कमी से 60 बच्चों की मौत हो गई थी, जिसके बाद इस मामले में डॉक्टर कफील को सस्पेंड कर दिया गया था।

प्रमुख सचिव खनिज और भूतत्व विभाग की अगुवाई में हुई जांच के बाद डॉक्टर कफील पर लगाए गए आरोपों में सच्चाई नहीं पाई गई. रिपोर्ट के मुताबिक, कफील ने घटना की रात बच्चों को बचाने की पूरी कोशिश की थी. इस तरह डॉ. कफील पर लगाए गए सभी आरोप गलत पाए गए. जांच की रिपोर्ट गुरुवार को बीआरडी अधिकारियों ने कफील को दी।

मालूम हो कि गोरखपुर ऑक्सीजन कांड में लगे आरोप के लिए कफील को 9 महीने जेल में बिताना पड़ा था. इसके बाद वे बेल पर थे. हालांकि, अभी तक वो सस्पेंड चल रहे थे. डॉ. काफील ने इस मामले में सीबीआई जांच की भी मांग की थी।
इस मामले में जांच अधिकारी हिमांशु कुमार, प्रमुख सचिव (टिकट और पंजीकरण विभाग) को यूपी के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 18 अप्रैल को रिपोर्ट सौंपी थी. इस रिपोर्ट में कहा गया था कि कफील ने लापरवाही नहीं की थी और उस रात (10-11 अगस्त 2017) स्थिति पर काबू पाने के लिए सभी तरह के प्रयास किए थे।
जांच की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉ. कफील अपने सीनियर अधिकारियों को ऑक्सीजन की कमी के बार में पहले ही इत्तला कर चुके थे. इसके अलवा रिपोर्ट में यह भी मेंशन है कि तब कफील बीआरडी में इंसेफेलाइटिस वार्ड के नोएल मेडिकल ऑफिसर इन-चार्ज नहीं थे।
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के कारण पांच दिनों में 60 बच्चों की मौत हो गई थी. इस मामले में डॉ. कफील सहित 9 लोगों पर आरोप था।
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