
सीबीआई ने उन्नाव रेप पीड़िता की सड़क दुर्घटना मामले में अपने पहले आरोप पत्र में भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उसके अन्य सहयोगियों के खिलाफ शुक्रवार को हत्या के आरोप हटा दिए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस हादसे में पीड़िता के दो रिश्तेदारों की मौत हो गई थी। लखनऊ में सीबीआई की विशेष अदालत में दाखिल अपने पहले आरोप-पत्र में सीबीआई ने प्राथमिकी में नामजद सेंगर और अन्य सभी आरोपियों को आपराधिक साजिश रचने एवं डराने-धमकाने से संबद्ध भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत आरोपी बनाया है। बता दें कि सीबीआई ने अपनी प्राथमिकी में सेंगर और नौ अन्य के विरूद्ध आपराधिक साजिश, हत्या, हत्या के प्रयास और डराने धमकाने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और ड्राइवर आशीष कुमार पाल को सीबीआई ने आरोपी बनाया है। मामले में कुलदीप सिंह सेंगर और उसके सहयोगियों के खिलाफ सीबीआई के आरोपपत्र में हत्या का कोई आरोप शामिल नहीं किया गया है।
ड्राइवर आशीष कुमार पाल को आईपीसी की धारा 304-ए, 338 और 279 के तहत आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट लखनऊ में दाखिल हुई। कुलदीप सिंह सेंगर और अन्य आरोपियों पर 120 बी के तहत आरोप लगाए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि हादसे से जुड़े ट्रक चालक आशीष कुमार पाल पर लापरवाही के चलते किसी की मौत की वजह बनने, किसी की जान जोखिम में डालकर उसे गंभीर चोट पहुंचाने, लापरवाही से वाहन चलाने से संबद्ध धाराओं के तहत आरोपी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि सीबीआई के आरोप पत्र में पाल के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र रचने का कोई आरोप नहीं लगाया गया है।
एजेंसी ने उत्तर प्रदेश सरकार से कुछ अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की सिफारिश की है, लेकिन उनकी पहचान उजागर नहीं की। हादसे के समय पीड़िता की सुरक्षा में तैनात उत्तर प्रदेश पुलिस का कोई सुरक्षा कर्मी उसके साथ नहीं था। इन सुरक्षाकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
हादसे के दो दिन बाद सीबीआई ने 30 जुलाई को सेंगर, उसके भाई मनोज सिंह सेंगर, उत्तर प्रदेश के एक मंत्री के दामाद अरुण सिंह और सात अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
क्या है पूरा मामला
जेल में बंद अपने चाचा से मिलने जा रही दुष्कर्म पीड़िता की कार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी। यह घटना 28 जुलाई की है। इस हादसे में पीड़िता के दो रिश्तेदारों की मौत हो गई थी, जबकि पीड़िता और उसके वकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
पीड़िता के परिजनों ने इसे हादसे के पीछे कुलदीप सिंह सेंगर का हाथ लगाते हुए हत्या और हत्या के प्रयास का आरोप लगाया था। बता दें कि पीड़िता को उपचार के लिए गंभीर हालत में एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पीड़िता को 25 सितंबर को अस्पताल से छुट्टी मिली थी।
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