उन्नाव रेप: घटना के दिन कुलदीप सिंह सेंगर कहां थे ? ऐपल कंपनी को नहीं पता !

उन्नाव रेप: घटना के दिन कुलदीप सिंह सेंगर कहां थे ? ऐपल कंपनी को नहीं पता !

रेप के आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर घटना वाले दिन कहां थे, इसकी जानकारी शेयर करने से आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ऐपल ने मना कर दिया है। ऐपल का कहना है कि सेंगर के मोबाइल फोन ‘लोकेशन’ का उस दिन का ब्योरा उसके पास नहीं है, जिस दिन उन्नाव में पीड़िता के साथ कथित रूप से रेप हुआ था।

बता दें कि बीजेपी से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर आईफोन का इस्तेमाल करते थे। ऐपल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के वकील ने दिल्ली की कोर्ट से कहा कि सेंगर जिस आईफोन का इस्तेमाल कर रहे थे, उसके ‘लोकेशन’ से जुड़ी जानकारी उसके (कंपनी के) पास नहीं है।

बंद कमरे में हो रही सुनवाई
बंद कमरे में हो रही सुनवाई के दौरान ऐपल के वकील ने जिला न्यायाधीश धर्मेश शर्मा के समक्ष यह जानकारी दी। बता दें कि 29 सितंबर को कोर्ट ने कंपनी से दो हफ्ते में संबंधित जानकारियां शपथपत्र के साथ मुहैया करने का आदेश दिया था। ऐपल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के वकील ने कोर्ट को बताया कि कंपनी को डेटा की उपलब्धता को लेकर अभी और जानकारी की जरूरत है।

लोकेशन की जानकारी स्टोर की गई या नहीं, मालूम नहीं- ऐपल
ऐपल के वकील ने बताया कि अभी तक इस बात की जानकारी नहीं है कि सेंगर के लोकेशन की जानकारी स्टोर की गई है या नहीं? और अगर इसे स्टोर किया गया है तो उसे कहां से और कैसे उपलब्ध कराया जा सकता है। अदालत ने डेटा को एक हलफनामे के साथ पेश करने का आदेश दिया था जिसमें सिस्टम विश्लेषक या कंपनी के अधिकृत व्यक्ति से प्रमाण पत्र हो।

सख्त हैं ऐपल के नियम-कानून
किसी यूजर का डेटा मुहैया कराने के लिए ऐपल के नियम-कानून बेहद सख्त हैं। प्राइवेसी का हवाला देकर आईफोन निर्माता कंपनी आम-तौर पर यूजर के डेटा की जानकारी नहीं देती है।

सुप्रीम कोर्ट ने केस दिल्ली ट्रांसफर करने का दिया था आदेश

बता दें कि सेंगर पर 2017 में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने का आरोप है। एक सड़क हादसे में घायल पीड़िता का दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज चल रहा है। उन्नाव रेप केस का मामला सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की अदालत में ट्रांसफर करने का आदेश दिया था।

गैंगरेप मामले में चार्जशीट दाखिल
इससे पहले 3 अक्टूबर को सीबीआई ने 11 जून 2017 को कथित गैंगरेप के मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। अदालत ने मामले को 10 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध किया था। इससे पहले जांच एजेंसी ने अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल करने और अभियोजन पक्ष के समर्थन में बयान देने वाले गवाहों की सूची जमा करने के लिए समय मांगा था। सीबीआई ने आरोपपत्र में नरेश तिवारी, ब्रजेश यादव सिंह और शुभम सिंह के नाम आरोपियों के तौर पर दर्ज किए हैं। तीनों जमानत पर हैं।

आरोपी की मां ले गई थी पीड़िता को सेंगर के घर
चार्जशीट के अनुसार तीनों ने 4 जून की घटना के एक सप्ताह बाद लड़की का कथित तौर पर अपहरण किया और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। शुभम सिंह की मां शशि सिंह कथित तौर पर पीड़िता को बहलाकर चार जून को विधायक के आवास पर ले गई थी।अदालत ने बलात्कार के मामले में भी सेंगर के खिलाफ आरोप तय किए हैं।

यही कोर्ट 9 अप्रैल, 2018 को न्यायिक हिरासत में बलात्कार पीड़िता के पिता पर कथित हमले और उसकी हत्या के मामले की सुनवाई कर रही है। अदालत ने मामले में कुलदीप सिंह सेंगर, उनके भाई अतुल सेंगर और नौ अन्य के खिलाफ आरोप तय किए हैं।

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