
सुरक्षा के बहाने इजरायल ने अब तक जॉर्डन घाटी के 90 फीसदी हिस्से पर कब्जा जमा लिया है, जिसमें फिलिस्तीनी संपत्ति 450 डॉलर की चोरी हुई है, फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन की महासचिव ने यह बात कल कहा था।
एमईएम रिपोर्ट के अनुसार, महासचिव साहेब एरेकाट ने फिलिस्तीनी सूचना मंत्रालय और पीएलओ के शरणार्थी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक दौरे के बाद एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान खुलासा किया।
जॉर्डन घाटी और इजरायल के निपटारे को लेकर सबसे बड़ा खतरा इजरायल की कोशिश है कि वह सुरक्षा के मामले में घाटी पर अपनी संप्रभुता का विस्तार करे, जिसका उद्देश्य फिलिस्तीनियों पर प्रतिबंधों को कड़ा करना है।
उसने जॉर्डन घाटी में अपनी अवैध बस्तियों को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ साझेदारी में फिलिस्तीनी के स्वामित्व वाले जल स्रोतों पर जबरदस्ती कब्जा करने का इज़राइल बलों पर आरोप लगाया।
श्री एरेकाट ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद को जॉर्डन घाटी के इजरायल नियंत्रण की रिपोर्ट बनाने के लिए कहा, “अमेरिकी दबाव की राशि के बावजूद ऐसा नहीं करने के लिए।”
एक पिछली सरकारी रिपोर्ट में कहा गया है कि घाटी में कृषि योग्य भूमि के लगभग 280,000 डंम्स शामिल हैं, जिनमें से 50,000 का उपयोग अभी भी फिलिस्तीनियों द्वारा किया जाता है और 27,000 अवैध यहूदी निवासियों द्वारा किया जाता है।
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