
कांग्रेस के पूर्व मंत्री आरिफ मोहम्मद खान ने शुक्रवार को केरल के राज्यपाल के रूप में शपथ ली। शपथ ग्रहण के दौरान केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन भी मौजूद रहे।
बता दें कि, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 2 सितंबर को आरिफ मोहम्मद खान समेत पांच राज्यों के राज्यपालों की नियुक्तियों और तबादलों पर मुहर लगाई थी।
Former Union Minister #ArifMohammadKhan was appointed as the Governor of #Kerala on 1 September and he replaces Justice (Retired) Palanisamy Sathasivam who was appointed as governor of the state in September 2014.https://t.co/LzoqJShKdI
— Firstpost (@firstpost) September 6, 2019
पूर्व पीएम राजीव गांधी की सरकार में मंत्री रह चुके दिग्गज नेता आरिफ मोहम्मद खान को केरल में भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश पी. सदाशिवम की जगह नया राज्यपाल बनाया गया है।
Thiruvananthapuram: Arif Mohammad Khan takes oath as Governor of Kerala. Chief Minister Pinarayi Vijayan also present. pic.twitter.com/9xytzJ8vDT
— ANI (@ANI) September 6, 2019
आरिफ मोहम्मद खान ने तीन तलाक को गैरकानूनी घोषित करने के मोदी सरकार के फैसले का समर्थन किया था। वे जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 खत्म करने के केंद्र सरकार के फैसले के भी समर्थन में थे। 1986 में शाहबानो केस में सुप्रीम कोर्ट को संसद द्वारा कानून बनाकर पलटे जाने के विरोध में खान ने केंद्रीय मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। वहीं जिस वंदे मातरम को लेकर मुस्लिम समुदाय आपत्ति जताते हैं, उसका भी उन्होंने उर्दू में अनुवाद किया था।
शाह बानो मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को तत्कालीन पीएम राजीव गांधी सरकार द्वारा अमान्य घोषित करने के विरोध में आरिफ मोहम्मद ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था।
पिछले दिनों आरिफ मोहम्मद खान के बयान का हवाला देकर पीएम मोदी ने संसद में कहा था, कांग्रेस के नेता ने कहा था, मुस्लिम अगर गढ्ढे में रहना चाहते हैं तो रहने दो क्या हम मुस्लिमों के समाज सुधारक हैं।
बाद में इस बात की पुष्टि करते हुए आरिफ मोहम्मद खान ने कहा था, जब उन्होंने तीन तलाक के मुद्दे पर राजीव गांधी सरकार से इस्तीफा दिया था तो पीवी नरसिम्हा राव ने उनसे यह बात कही थी।
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