
उत्तर प्रदेश के सबसे ताकतवर राजनीतिक परिवारों में शुमार यादव परिवार फिर से मुश्किलों में फंस सकता है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और उनके बेटे पूर्व सीएम अखिलेश यादव को आय से अधिक संपत्ति के मामले में सीबीआई से मिले क्लीन चिट को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।
न्यूज़ ट्रैक पर छपी खबर के अनुसार, सीबीआई ने इस जांच को बंद करने का फैसला लिया था। अधिवक्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी ने याचिका में आरोप लगाया कि सीबीआई ने सबूतों को दबाते हुए यादव परिवार के विरूद्ध आपराधिक मामला नहीं दर्ज करने में सहायता की।
अपनी याचिका में वकील चतुर्वेदी ने बताया, सीबीआई ने इस वर्ष मई में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा था कि उसे मुलायम और अखिलेश के विरूद्ध पर्याप्त सबूत नहीं मिले थे। इस लिए उसने 7 अगस्त 2013 को जांच बंद कर दी।
सीबीआई ने यह भी दावा किया कि उसने सीवीसी को अक्तूबर 2013 में इस मामले की रिपोर्ट भी सौंपी है। अधिवक्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी ने कोर्ट को कहा कि उसकी आरटीआई याचिका का उत्तर देते हुए सीवीसी ने 5 जुलाई को साफ किया कि ऐसी कोई रिपोर्ट सीबीआई की ओर से नहीं मिली है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में गलत बयान पेश किया है और सीबीआई जांच को कानूनन गलत भी ठहराया। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मांग की है कि सीबीआई को सही जांच रिपोर्ट पेश करने और 2007 और 2013 के आदेश के बाद उठाए गए कदम के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए जाएं। अखिलेश यादव अक्सर केंद्र पर सीबीआई का गलत उपयोग करने का आरोप लगाते रहे हैं।
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