
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव नौ सितंबर को रामपुर में हुंकार भरेंगे। मुलायम सिंह यादव के आह्वान के बाद अखिलेश ने आजम खां पर हो रही कार्रवाई के विरोध की कमान संभाल ली है। इससे पहले भी अखिलेश ने लोकसभा में आजम खां का बचाव किया था, जब वह रमा देवी पर टिप्पणी के मामले में घिरे दिखाई दे रहे थे।
मुलायम सिंह यादव और अखिलेश के करीबी माने जाने वाले आजम खां पर 80 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। आजम के कई करीबियों पर भी पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए कई सपा कार्यकर्ता रामपुर छोड़ रहे हैं। आजम खां भी इस लड़ाई में अकेले पड़ते दिखाई दे रहे थे। इसके बाद उनके समर्थन में पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव उतरे। उन्होंने लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस कर कार्यकर्ताओं से आजम के समर्थन में सड़क पर उतरने का आह्वान किया था।
मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि आजम की बेइज्जती का कार्यकर्ता विरोध करें। मुलायम के आह्वान का असर यह हुआ है कि खुद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रामपुर जाने का एलान कर दिया है। अखिलेश के साथ पार्टी के कई बड़े नेता भी रामपुर जाएंगे। ऐसे में नौ सितंबर को पूरे देश की नजर अखिलेश यादव और रामपुर पर होगी।
आजम विरोधी भी इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि आखिर अखिलेश यादव के विरोध का तरीका क्या होगा। इन सब के बाद एक बात तो तय है कि आने वाले दिनों में रामपुर की राजनीति गरमाएगी। रामपुर शहर विधानसभा सीट पर होने वाले उप चुनाव को लेकर भी गतिविधियां तेज होंगी। यह विधानसभा सीट परंपरागत रूप से सपा की मानी जाती है। सांसद बनने से पहले आजम खां इस सीट से नौ बार चुनाव जीत चुके हैं।
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