
डॉनल्ड ट्रंप ने अफगानिस्तान में तैनात अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने की योजना बनाई है. हालांकि उनके लौटने का समय अभी तय नहीं हुआ है. यह घोषणा अमेरिका और तालिबान के बीच कतर में हो रही वार्ता के बीच की गई.
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अफगानिस्तान में अमेरिकी सैन्य बलों की उपस्थिति को कम करने के लिए 5,000 से अधिक सैनिकों को वापस बुलाने की घोषणा की है.
फॉक्स न्यूज रेडियो को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “हम वहां केवल 8,600 सैनिक रखेंगे. इसके बाद हम आगे की स्थिति को देखते हुए फैसला लेंगे. हम वहां काफी हद तक सैनिकों की उपस्थिति को कम कर रहे हैं और हमारी उपस्थिति हमेशा वहां रहेगी.”
पिछले 18 साल से अफगानिस्तान में अमेरिका और तालिबान के बीच संघर्ष चल रहा है. इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए विगत एक साल से दोनों के बीच वार्ता चल रही है.
वार्ता के बीच के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह घोषणा की है. दोनों पक्षों के बीच वार्ता का ये नवां दौर है. इस दौर के बाद तालिबान प्रवक्ता ने भी जल्दी ही समस्या का समाधान होने की आशा जताई है.
अफगानिस्तान में 8,600 अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी के बाद उनकी संख्या उस स्तर पर आ जाएगी जो जनवरी 2017 में थी. इसी समय डॉनल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति बने थे.
वहीं 2011 में अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की संख्या अपने सबसे ऊंचे स्तर एक लाख पर पहुंच गई थी. अफगानिस्तान से किसी आतंकी संगठन के अमेरिका पर फिर से हमले के सवाल पर डॉनल्ड ट्रंप ने कहा, “हम इतनी ज्यादा संख्या में सैनिकों के साथ वापस आएंगे जितने पहले कभी नहीं आए होंगे.”
आतंकी संगठन अल कायदा ने अफगानिस्तान में अपना ठिकाना बनाया था और यहीं से अमेरिका में 11 सितंबर 2011 को हुए हमले की योजना बनाई थी.
इस घटना के एक महीने बाद ही अमेरिकी सैनिकों ने अफगानिस्तान पर हमला कर दिया था और उसके बाद से अमेरिकी सैनिक वहां तैनात हैं. जून में सैन्य सहयोगियों द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अमेरिका के बाद नाटो मिशन के सैनिक भी अफगानिस्तान में तैनात हैं. इनमें जर्मनी के 1,300 और ब्रिटेन के 1,100 सैनिक शामिल हैं.
साभार- डी डब्ल्यू हिन्दी
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