
उच्चतम न्ययालय ने अनुच्छेद 370 पर राष्ट्रपति के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। न्यायालय ने याचिकाकर्ता से कहा कि अनुच्छेद 370 पर राष्ट्रपति के आदेश को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर नियत समय में सुनवाई होगी।
इस याचिका को वकील मनोहर लाल शर्मा ने अदालत में दायर किया था। न्यायमूर्ति एनवी रमाना की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा, ‘मामले को सूचीबद्ध करने के लिए मामले को उचित पीठ के समक्ष रखा जाएगा। यानी इसे भारत के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा।’
अमर उजाला पर छपी खबर के अनुसार, इसके अलावा शीर्ष अदालत में गुरुवार को कांग्रेस नेता तहसीन पूनावाला ने जम्मू कश्मीर से कर्फ्यू हटाने, फोन लाइनों, इंटरनेट, समाचार चैनलों पर रोक और अन्य प्रतिबंधों को हटाने की मांग करने वाली याचिका दायर की।
जिसपर अदालत ने तुरंत सुनवाई करने से मना कर दिया। न्यायमूर्ति एनवी रमाना की अध्यक्षता वाली शीर्ष अदालत की बेंच ने कहा कि इस मामले को भारत के मुख्य न्यायाधीश के सामने रखा जाएगा।
बता दें कि अनुच्छेद 370 के एक खंड को छोड़कर बाकियों को हटाने से पहले ही सरकार ने घाटी में कर्फ्यू लगा दिया था। मंगलवार को पुंछ में पत्थरबाजी की घटना को छोड़कर समूचे राज्य में शांति रही।
पुलिस ने दावा किया कि अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजामों के बीच राज्य के तीनों क्षेत्रों में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है। डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि राज्य के किसी भी स्थान से अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं मिली है। जम्मू कश्मीर में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है।
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