धरने में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का शुक्रिया अदा किया . मोमिन पूरा,कागज़ी पूरा, परिसर के नागरिको ने दिया धरना
निज़ाम साजिद – अकोला: केंद्रीय सरकार द्वरा सी.ए.ए लागु किया गया है जीस के मध्यम से अफगानिस्तान, बंगलादेश, पकिस्तान के धर्मिक प्रताड़ित हिंदु , सिख, बौद्ध, जैन और पारसी धर्म के लोगों को भारत आने पर बगैर कोई दस्तावेज़ि सबूत के पुर्ण भारतीय नागरिकता दे दिजाऐगी। अभी सरकार का कहना है के यह सुविधा २०१४ से पहले आए लोगों के लिऐ है। परंतु एक बार यह कानुन बन जाने के बाद इन देशों से जीतने भी लोग भारत अऐंगे वह सभी आपने आपको धर्मिक प्रताड़ित बता कर भारतीय नागरिकता प्राप्त करने का प्रयास करेंगे। जबकि केंद्रीय गुहामंत्री खुद ये घोषण कर चुके है के उन लोगों बगैर कोई दस्तावेज़ी सबूत के पुर्ण नागरिकता दे दि जाएगी। अब प्रश्न यह है के भारत सरकार किस आधर पर यह सिद्ध करेंगी के यह व्यक्ति इन देशों का धर्मिक प्रताड़ित है? हमरे पास इसका क्या पैरामीटर है क्या मापदंड है के वास्तव मे यह धर्मिक प्रताड़ित है? इन धर्मिक प्रताड़ितों की आड़ मे अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी गिरोह के समूह भी इस संधि का लाभ उठा सकते है। चूंकि हम खुद कहे रहे है कोई दस्तावेज़ नही चाहिऐ बस व्यक्ति विशेष ने कहे दिया के वह पाकिस्तानी, बांग्लादेशी या अफगानी अल्पसंख्यक धर्मिक प्रताड़ित है उसे हमरे गुहामंत्री भरतीय नागरिकता दे देंगें।

भारत का जनसंख्या के मामले मे विश्व मे दूसरा स्थान है और बहोत जल्द हम चीन से आगे निकलने वाले है। इस जनसंख्या विस्फोटक से पहेले हि हम अनेक समस्याओं से झुज रहे है। हाल हि मे आर.एस.एस संघटन के चीफ ने जनसंख्या पर रोक के लिऐ दो संतान के कानुन की बात कही है। सी.ए.ए के मध्यम से जो जनसंख्या विद्धि होगी उस से हम कैसे निपटेंगे? यह तो हुई बात विदेशी धर्मिक प्रताड़ितों की परंतु हमरा विरोध इसी के साथ साथ सी.ए.ए के बाद पूरे देश मे एन.आर.सी लागु करना है। एन.आर.सी मे जो लोग स्थान नही बना पाएंगे उन्हें विदेशी घोषित कर दिया जाएगा। अब इन विदेशियों मे हिंदु , सिख, बौद्ध और जैन आते है तो उन्हें सी.ए.ए के मध्यम से पुर्ण भरतीय नागरिकता दे दिजाएगी। और यदी इस सूची मे मुस्लिम समुदाय का कोई व्यक्ति स्थान नही बना पाता है तो उसे अफगानी, पाकिस्तानी या बांग्लादेशी बता कर भारत से बाहर निकाल दिया जाएगा। यह है सी.ए.ए और एन.आर.सी की वास्तविकता जो भजपा सरकार के गुहामंत्री आर.एस.एस के ऐजंडे के अनुसार देश मे लागु करने जा रहे है।
पिछ्ले एक महा से अधिक समय से देश भर मे धरने, आन्दोलन, उपोष्ण और विरोध प्रदर्शन इस के करण हो रहे है। दिल्ली के शाहीन बग का धरना ए.एम.यू जामिया मिलिया इस्लामिया, बी.एच.यू तथा देश भर के विश्वविद्यालयों मे हो विरोध प्रदर्शन, सुप्रीम कोर्ट वकीलों का मोर्चा और देश भर के धर्मनिरपेक्ष नागरिक बुद्दिजीवियों का यह विरोध प्रदर्शन इसी काले कानुन की वजह से है। पूरे देश मे १९४७ के स्वतंत्रता संग्राम जैसा वातवरण निर्माण हो चुका है।इन सभी विषयो का निवेदन राष्ट्रपति के नाम से जिल्हाधिकारी के माध्यम से दिया गया इस समय संविधान बचाओ समिति के पदाधिकारियों ने उप्पर जिल्हाधिकारी को एक निवेदन सौंपा इस समय सय्यद अफसर,मोहम्मद साकिब,अज़हर चौधरी,मोहम्मद कलीम खान,अब्दुल अलीम दूध वाले,मोइज खान पठान,मोहम्मद इक़बाल,रियाज़ खान,शहीद तारिक,नदीम कुरेशी,मोहम्मद साजिद आदि उपस्थित थे.