
ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को नागरिकता संशोधन कानून 2019 (सीएए) के विरोध में स्कूल के नाटक के मंचन को लेकर गिरफ्तार की गईं शाहीन स्कूल की प्रधानाचार्य फरीदा बेगम और कक्षा 6 के छात्र की मां नजमुन निसा से मुलाकात की।
दोनों कर्नाटक के बीदर जेल में मुलाकात बंद हैं। ओवैसी ने आरोपों की निंदा की और महिलाओं को अपना समर्थन दिया।
जागरण डॉट कॉम पर छपी खबर के अनुसार, दोनों से मुलाकात के बाद ओवैसी ने ट्वीट किया, ‘ दोनों को एक नाटक के मंचन के लिए देशद्रोह के आरोप में बीदर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
फरीदा बेगम बीमार हैं और उन्हें ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा है। जबकि नजमुन विधवा हैं और वो और उनका बच्चा अकेले रहते हैं। उनके बच्चे की देखभाल मकान मालिक पर निर्भर है। हमने इस कठिन समय में अपने समर्थन और प्रोत्साहन की पेशकश की।’
ओवैसी ने बीदर के पुलिस अधीक्षक , श्रीधर से भी मुलाकात की। उन्होंने ट्वीट कर कहा ‘एसपी बीदर के साथ मुलाकात हुई। हमने स्कूल में नाटक के मंचन को लेकर गिरफ्तारी और देशद्रोह के आरोप पर कड़ी आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा कि इसकी जांच चल रही है और देशद्रोह को हटाया जा सकता है। मैंने कहा कि स्थानीय निवासी होने के कारण इन महिलाओं को गिरफ्तार करने से पहले ऐसा किया जाना चाहिए था। स्कूल का नाटक अपराध कैसे हो सकता है? ‘
बता दें कि कर्नाटक के बीदर स्थित स्कूल की प्रधानाचार्य फरीदा बेगम और छात्र की मां नजमुन निसा को 21 जनवरी को सीएए और एनआरसी के खिलाफ एक नाटक के बाद गिरफ्तार किया गया था। बाद में दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पार्टी के एक आधिकारिक बयान के अनुसार कर्नाटक की बिदर पुलिस ने स्कूल की प्रधानाचार्य और छात्र की मां के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत राजद्रोह का मामला दर्ज किया है।
दोनों महिलाओं पर धारा 504, 505(2), 124 A, 153 A और 34 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नाटक में अभिनय करने वाले छह बच्चों की उम्र 10 साल से कम थी। पुलिस ने उनके माता-पिता की मौजूदगी में जांच की और स्टाफ सदस्यों से भी पूछताछ की गई।
This post appeared first on The Siasat.com