नई दिल्ली: महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री के पद को लेकर चल रही रस्साकशी रुकने का नाम नही ले रही है,शिवसेना भाजपा से फिफ्टी फिफ्टी पर अड़ी है तो भाजपा इसको मानने को तैयार नही है।
इस अफरातफरी पर ऑल इण्डिया मजलिस ऐ इत्तिहादुल मुस्लिमीन उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नेता और सहारनपुर मण्डल के अध्यक्ष मुफ़्ती ओसामा इदरीस नदवी ने भाजपा शिवसेना पर चुटकी लेते हुए कि महाराष्ट्र में दो मुख्यमंत्री बना लो भाजपा- सोम,बुध, शुक्र और शिवसेना- मंगल गुरु शनि और रविवार को गठबंधन करके 50-50 कर लेना।

शिवसेना इस 50-50 पर अड़ी हुई हैशिवसेना सांसद संजय राउत हम गठबंधन धर्म का पालन कर रहे हैं-संजय राउत सत्ता से दूर रखने की साजिश ठीक बात नहीं है महाराष्ट्र में शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी के बीच सरकार गठन में कुर्सी को लेकर खींचतान जारी है. इसी बीच शिवसेना के दिग्गज नेता संजय राउत ने कहा है कि महाराष्ट्र में कोई दुष्यंत नहीं है जिसके पिता जेल में हों, हमारे पास भी विकल्प है।
संजय राउत ने कहा, ‘उद्धव ठाकरे जी ने कहा है कि हमारे पास अन्य विकल्प भी हैं, लेकिन हम उस विकल्प को स्वीकार करने का पाप नहीं करना चाहते हैं. शिवसेना ने हमेशा सच्चाई की राजनीति की है, हम सत्ता के भूखे नहीं हैं।
संजय राउत से जब पूछा गया कि बीजेपी के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन के बावजूद सरकार बनाने में समय क्यों लग रहा है, तो उन्होंने कहा कि यहां कोई दुष्यंत नहीं है जिनके पिता जेल में हैं. संजय राउत ने कहा, ‘यहां हम हैं जो ‘धर्म और सत्य’ की राजनीति करते हैं, शरद पवार जिन्होंने बीजेपी और कांग्रेस के खिलाफ माहौल बनाया है जो कभी बीजेपी के साथ नहीं जाएंगे.’
संजय राउत ने कहा कि लोकतंत्र में कोई भी व्यक्ति विभिन्न विकल्पों को चुन सकता है. हम गठबंधन की नैतिकता का पालन कर रहे हैं. यदि कोई इसका पालन नहीं करना चाहता है तो राज्य की जनता उन्हें जवाब देगी. हमारे पास अन्य विकल्प भी हैं, लेकिन हम उसे स्वीकार नहीं कर रहे हैं. यह पाप है. शिवसेना ने हमेशा सच्ची राजनीति की है।
शिवसेना सांसद ने कहा कि हम सत्ता के भूखे नहीं हैं. हम उन पार्टियों के साथ नहीं जा सकते हैं जिन्होंने हमारे खिलाफ चुनाव लड़ा. यह हमारे लिए सम्मान की बात है कि कोई हमें सत्ता से दूर रखना चाहता है. अगर आपका गठबंधन सहयोगी आपको सत्ता से दूर रखने के लिए षड्यंत्र रचता है तो यह सही नहीं है. हम आज की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं. संजय राउत ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले समझ के अनुसार चर्चा होनी चाहिए।
बता दें कि महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद को लेकर बीजेपी और शिवसेना के बीच खींचतान के साथ दबाव की राजनीति जारी है. चुनाव नतीजे के बाद से ही शिवसेना ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले पर सरकार बनाने पर अड़ी है. जबकि बीजेपी विधायकों के लिहाज से सबसे बड़ी पार्टी होने का हवाला देते हुए इस फॉर्मूले पर सहमत नहीं है. सोमवार को बीजेपी और शिवसेना ने अलग-अलग महाराष्ट्र के राज्यपाल से मुलाकात की थी.
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