
अयोध्या मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 30वें दिन की सुनवाई आज होगी। आज मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ वकील राजीव धवन की बहस जारी रहेगी। सोमवार को राजीव धवन ने कहा था कि हम मान लेते हैं कि राम का जन्म वहां हुआ, लेकिन हिंदू पक्ष चाहता है कि वहां सिर्फ मंदिर रहे।
शक नहीं कि भगवान राम का सम्मान होना चाहिए पर भारत जैसे महान देश में अल्लाह का भी सम्मान है और इसी बुनियाद पर देश बना है। राजीव धवन ने कहा था कि हम राम का सम्मान करते हैं, जन्मस्थान का भी सम्मान करते हैं। इस देश में अगर राम और अल्लाह का सम्मान नहीं होगा, देश खत्म हो जाएगा।
ज़ी न्यूज़ डॉट कॉम के अनुसार, धवन ने कहा था कि विवाद तो राम के जन्मस्थान को लेकर है कि वह कहां। रामलला विराजमान के नाम पर सूट दाखिल करने का मकसद निर्मोही अखाड़े से उसका सेवा का अधिकार (शेबैत) छीनकर, उसपर खुद का दावा और वहां नए सिरे से मंदिर बनाकर सबकुछ अपने कब्जे में लेना है।
धवन ने कहा था कि पूरी विवादित जमीन जन्मस्थान नहीं हो सकती। जैसा कि हिंदू पक्ष दावा करते हैं। कुछ तो निश्चित स्थान होगा और पूरा क्षेत्र जन्मस्थान नहीं हो सकता।
धवन ने हिन्दू पक्ष के गवाहों की गवाही को पढ़ते हुए बताया था कि दो तरह की परिक्रमा होती है पंच कोसी, चौदा कोसी परिक्रमा, पूरे अयोध्या की परिक्रमा होती थी और राम चबूतरा की भी परिक्रमा होती थी, धवन ने कहा था कि परिक्रमा के बारे में सभी गवाहों ने अलग अलग बात कही है कुछ ने कहा राम चबूतरे परिक्रमा होती थी, कुछ ने कहा कि दक्षिण में परिक्रमा होती थी।
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