
अल्लाह के घर से बिछड़ने और अपनों से मिलने की खुशी लेकर लौटे हज यात्री अल्लाह के घर से बिछड़ने और अपनों से मिलने की खुशी लेकर लौटे हज यात्री हज के चालीस दिन का सफर पूरा होने के बाद हज यात्रियों की वापसी का सिलसिला चल रहा है। हज यात्री हज से लौटने से पहले दुआओं का सिलसिला चल रहा है। हाजियों के चेहरों पर मायूसी छाने लगी है।
खास खबर के अनुसार, हज के चालीस दिन का सफर पूरा होने के बाद हज यात्रियों की वापसी का सिलसिला चल रहा है। हज यात्री हज से लौटने से पहले दुआओं का सिलसिला चल रहा है। हाजियों के चेहरों पर मायूसी छाने लगी है। अपने घर जाने और अपनों से मिलने की खुशी से ज्यादा मक्का-मदीना की गलियों से बिछड़ने का गम सता रहा है।
भोपाल से हज पर पहुंचे साजिद खान का कहना है कि चालीस दिन का सफर अब खत्म हो गया है। उनका कहना है कि इबादत, तिलावत और हज अरकान में इतनी मसरूफियत रही कि कभी-कभार ही घर और घर वालों के बारे में सोचने का मौका मिला होगा।
साजिद की बीवी शीबा कहती हैं कि इन चालीस दिन के सफर में हमने जिंदगी के असल मकसद को समझा और इसी के सहारे आगे की जिंदगी को बिताने का अहद लेकर यहां से विदा होने का इरादा किया है। उन्होंने कहा कि नमाजों की पाबंदी, कलाम पाक की तिलावत, लोगों से अच्छे अखलाक और जरूरत के वक्त किसी के काम आना, यही अल्लाह को राजी करने के तरीके हैं।
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