
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अपने बयानों से अकसर मीडिया की सुर्खियों में रहते हैं। अयोध्या जमीन विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के बीच उन्होंने कहा कि राम मंदिर मामले पर सुप्रीम कोर्ट जो भी फैसला सुनाए लेकिन सरकार के पास संविधान के अनुच्छेद 300-ए के तहत राष्ट्रीयकरण का ब्रह्मास्त्र है।
हरिभूमी पर छपी खबर के अनुसार, अनुच्छेद 300-ए के मुताबिक मुकदमा जीतने वाले को जमीन नहीं, मुआवजा देने का अधिकार है। अयोध्या की कुल 67.703 एकड़ जमीन विवादित नहीं है। शीर्ष कोर्ट में यह केवल 0.313 एकड़ क्षेत्र ही विवादित है।
बता दें कि हाल में सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद को लेकर रोजाना सुनवाई करने को कहा था। तबसे नियमित आधार पर सुनवाई हो रही है। आज सुनवाई का तीसरा दिन है। पहले दो दिनों में निर्मोही अखाड़े ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखा और बुधवार को रामलला के वकीलों ने अपनी दलीतों को रखना शुरू किया था।
रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट में 14 अपीलें दायर की गई हैं। जो तीस सितंबर 2010 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच के फैसले के खिलाफ दायर की गई हैं।
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