सुब्रमण्यम स्वामी ने भिंडरावाले से क्यों मुलाक़ात की थी

इंडियन एक्सप्रेस के प्रवीण जैन की पैंतीस साल की थाती देखने गया था। इतने सालों में भारतीय राजनीति के बदलते किरदारों की कुछ तस्वीरों के पीछे एक फ़ोटोग्राफ़र का एक एक साल का धैर्य होता है। जान के ख़तरे उठा कर खींची गई तस्वीरों में इतिहास का एक लम्हा होता है जिन्हें जैन बताते हुए लम्हों को पन्नों में बदल रहे थे। सत्ता जब एक नेता तक पहुँचती तो वह उसकी आदमीयत को बदलने लगती है। फ़ोटोग्राफ़र अपनी तस्वीरों से नेता को याद दिलाते रहता है कि मुल्क की क़िस्मत तय करने के तमाम अहंकारी क्षणों में वह एक बार आम इंसान की तरह हँसता हुआ, रोता हुआ, अफ़सोस से भरा हुआ तो जोश में डूबा हुआ दिखा था। मुझे नहीं पता था कि फ़ोटोग्राफ़र किसी को सामान्य बनाने के लिए किसी को इतने पायदान नीचे उतार सकता है। किसी को ऐसी आभामंडल दे सकता है जिसकी क़ैद से वो इंसान कभी निकल ही न सके।

मेरठ के हाशिमपुरा केस में प्रवीण जैन की तस्वीर पुलित्ज़र के क़ाबिल है। ऐसे मामले में इंसाफ दो तरह से होता है। अदालत से और इन तस्वीरों के ज़रिए लोक स्मृति में। ये तस्वीरें हमारी पुलिस के अमानवीय हो उठने की गवाह हैं। आज भी हमारी पुलिस इन संभावनाओं से भरी हुई है। पहली तस्वीर हाशिमपुरा की है।

प्रवीण ने एक और तस्वीर दिखाई। भिंडरावाले के सामने नीचे सुब्रमण्यम स्वामी बैठे हैं। स्वामी से पूछा जाना चाहिए कि वे भिंडरावाले से किस संदर्भ में मिलने गए थे? तब स्वामी बीजेपी में नहीं थे। लेकिन तब तक सियासत में ख़ास जगह बन गई होगी तभी तो मुलाक़ात हुई होगी। स्वामी फ़्रेम में सबसे किनारे और नीचे बैठे हैं। सर पर रूमाल है। तस्वीर संख्या तीन देखें।

प्रवीण ने सोनिया गांधी की दो तस्वीरें दिखाईं। एक सिमटी हुई सोनिया की, सफ़ेद लिबास में। राजीव गांधी की हत्या के बाद तीन मूर्ति भवन में सोनिया गांधी अपने घुटनों को समेटे सहमी बैठी हैं। पति के साथ सब कुछ चला गया है। दूसरी तस्वीर कई साल बाद की है। संसद से निकलती हुई सोनिया गांधी। सधी हुई चाल और क़दमों पर नियंत्रण। ग़ज़ब की तस्वीर है। चार और पाँच नंबर की तस्वीर देखें।

एक तस्वीर में अरुण जेटली, अरुण शौरी और एस गुरूमूर्ति हैं। यारबाज़ी झलक रही है। आज ये दोस्ती बिखर गई है। गुरुमूर्ति रिज़र्व बैंक में निदेशक हैं। जेटली वित्त मंत्री और शौरी दिन रात जेटली और मोदी के ख़िलाफ़ प्रेस कांफ्रेंस करते रहते हैं। तस्वीर पुरानी हैं और मगर देखते ही आज का संदर्भ हावी हो जाता है।

सातवीं तस्वीर में पी वी नरसिम्हा राव हैं जिनका मेक अप किया जा रहा है। प्रसारण से पहले। आठवीं तस्वीर मनमोहन सिंह की है। अपने जूते का फ़ीता बाँध रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी कई तस्वीरें हैं। शानदार बात ये रही कि प्रवीण जैन ने इस प्रदर्शनी में उन दो शख़्स की तस्वीर भी लगाई है जिन्होंने प्रवीण को फ़ोटोग्राफ़ी सिखाई। यहाँ मुलाक़ात सीताराम येचुरी से हो गई। कई नेता देखने जा रहे हैं। पत्रकारिता के छात्रों को भी जाना चाहिए और ठहर कर देखना चाहिए। प्रदर्शनी प्रेस क्लब के पास आईफैक्स बिल्डिंग में लगी है। रफ़ी मार्ग पर। अब कम ही दिन बचे हैं।

Ravish Kumar Blog

اپنی رائے یہاں لکھیں

Discover more from ورق تازہ

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading