
सावन का महीना चल रहा है. बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने आर्थिक स्थिति को लेकर बयान दे दिया है कि हर साल सावन-भादो में मंदी रहती है. आपको बता दें कि अपने बयानों से सुशील मोदी अक्सर सुर्खियों में आ जाते हैं.
सावन-भादो के महीने में सुशील मोदी के बयान कुछ अलग ही होते हैं. पिछले साल सावन-भादो महीने के दौरान सुशील मोदी का बयान चर्चा में बना रहा था. उन्होंने गया की धरती से अजीबोगरीब अपील की थी. ये अपील अपराधियों से हाथ जोड़कर की थी.
ये की थी अपील…
सुशील मोदी ने कहा था ‘मैं अपराधियों से भी हाथ जोड़कर आग्रह करूंगा कि कम से कम पितृपक्ष में छोड़ दीजिए. बाकी दिन तो आप कोई मना करे न करे, कुछ न कुछ करते रहते हैं और पुलिस वाले लगे रहते हैं.
लेकिन कम से कम ये 15-16 दिन, ये जो धार्मिक उत्सव है इस उत्सव में कोई एक काम ऐसा न करिए जिससे बिहार की प्रतिष्ठा, गया जी की प्रतिष्ठा को नुकसान हो और यहां आने वाले लोगों को शिकायत करने का मौका मिले.’
कुछ लोगों ने सुशील मोदी के इस बयान को नीतीश कुमार सरकार ( Nitish Kumar ) की लाचारी की पराकाष्ठा बताया था.
बयान से कुछ दिन पहले हुई थी ये घटना
उनके बयान से कुछ दिन पहले ही मुजफ्फरपुर में पूर्व मेयर समीर कुमार को AK-47 से भून दिया गया था. पटना में भी तबरेज आलम पर AK-47 की मैगजीन खाली हुई थी.
इस घटना के बाद 17 अक्टूबर, 2018 को अपराधियों ने खगड़िया में इंस्पेक्टर आशीष कुमार को गोली मार दी थी. वो सलारपुर दियारा में एक अपराधी को पकड़ने गए थे.
सावन-भादो और आर्थिक स्थिति पर बयान
वहीं अब उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी का रविवार को आर्थिक स्थिति पर बयान आया. सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘केंद्र सरकार ने अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए 32 सूत्री राहत पैकेज की घोषणा और 10 छोटे बैंकों के विलय की पहल से लेंडिंग कैपिसिटी बढ़ाने जैसे जो चौतरफा उपाय किये हैं, उनका असर अगली तिमाही में महसूस किया जाएगा.’
उन्होंने इस ट्वीट को पोस्टर के साथ साझा किया जिसमें आगे लिखा था. ‘वैसे तो हर साल सावन-भादो में मंदी रहती है, लेकिन इस बार मंदी का ज्यादा शोर मचा कर कुछ लोग चुनावी पराजय की खीझ उतार रहे हैं. बिहार में मंदी का खास असर नहीं है इसलिए वाहनों की बिक्री नहीं घटी. केंद्र सरकार जल्द ही तीसरा पैकेज घोषित करने वाली है.’
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