
नागरिकता संशोधन अधिनियम और राष्ट्रीय नागरिकता पंजी को लेकर दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में एक महीने से अधिक समय से मुस्लिम महिलाएं धरने पर बैठी हैं।
न्यूज़ ट्रैक पर पर छपी खबर के अनुसार, महिलाओं का यह विरोध प्रदर्शन लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। प्रदर्शन कर रही महिलाएं सरकार से नागरिकता संशोधन अधिनियम को वापस लेने की मांग कर रही हैं।
शाहीन बाग की प्रदर्शनकारी महिलाओं ने भाजपा आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय को अवमानना का नोटिस जारी किया है। दरअसल, अमित मालवीय ने इल्जाम लगाया था कि इन महिलाओं को प्रदर्शन करने के लिए पैसे दिए जा रहे हैं।
शाहीन बाग में महिलाएं 37 दिनों से लगातार धरने पर बैठी हुई हैं। ये महिलाएं लगातार नागरिकता कानून और एनआरसी का विरोध कर रही हैं।
वहीं, इन प्रदर्शनकारियों के कानूनी सलाहकार महमूद पारचा ने मालवीय के कार्यालय को अवमानना का नोटिस जारी किया है। ये नोटिस दो महिलाओं नफीसा बानो और शहजाद फातमा की ओर से पहुँचाया गया है।
उन्होंने कहा है कि मालवीय भाजपा से सम्बन्धित हैं, इसलिए प्रदर्शनकारियों की छवि धूमिल करने में उनका स्वार्थ निहित है। मालवीय को भेजे गए कानूनी नोटिस में फ़ौरन माफी मांगने और एक करोड़ हर्जाने देने की मांग की गई है।
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