नई दिल्ली: विशेष राज्य का दर्जा खत्म होने के बाद जम्मू कश्मीर में कर्फ्यू का माहौल है लोग अपने घरों में हैं नेताओं को नज़रबंद किया हुआ है,धारा 370 और 35 ऐ हटने के बाद से फोन,इंटरनेट सहित तमाम संसाधन को सरकारी स्तर से बंद किया गया था जिसके कारण सम्पर्क साधना मुश्किल हो गया था।
इन हालात में जम्मू कश्मीर के क्रिकेट बोर्ड का सम्पर्क अपनी टीम से टूट गया था जिसको लेकर बोर्ड काफी परेशान था,लेकिन अब काफी मशक्कत और टीवी विज्ञापनों की वजह से बोर्ड खिलाडियों तक पहुँच गया है जम्मू-कश्मीर के सभी खिलाड़ी गुरुवार से बड़ौदा में ट्रेनिंग शुरू करेंगे।

बता दें जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ (जेकेसीए) ने संपर्क से बाहर हुए घाटी के अपने खिलाड़ियों से संपर्क करने के लिए पिछले हफ्ते स्थानीय टीवी चैनलों पर विज्ञापन दिए थे. राज्य को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को रद्द करने के बाद कश्मीर घाटी में संचार सुविधाओं को सीमित किया गया है. टीम के खिलाड़ी और मेंटॉर इरफान पठान (Irfan Pathan) ने बताया कि टीम मोती बाग ग्राउंड पर ट्रेनिंग करेगी जो बड़ौदा के राजसी गायकवाड़ परिवार का है।
पठान ने पीटीआई से कहा, ‘सभी खिलाड़ी जम्मू में एक साथ आ गए हैं और एक दिन बाद बड़ौदा पहुंचेंगे. टीवी पर विज्ञापन देने की योजना ने निश्चित तौर पर काम किया. कश्मीर के सभी खिलाड़ियों ने विज्ञापन देखा और जम्मू में जेकेसीए के कार्यालय में पहुंचे.’ टीम के पास 24 सितंबर से शुरू हो रही विजय हजारे ट्रॉफी के लिए तैयार होने की कड़ी चुनौती है।
भारत की ओर से 29 टेस्ट और 120 वनडे मैच खेलने वाले पठान ने कहा, ‘यह बड़ी चुनौती है लेकिन हमें हमारे पास जो भी समय है उसका सर्वश्रेष्ठ इस्तेमाल करना होगा. हमें जितना अधिक संभव हो उतने अभ्यास मैच खेलने होंगे और टीम की एकजुटता से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लेना होगा. खिलाड़ियों की फिटनेस पर काम करने का समय नहीं है।
बता दें घाटी में मोबाइल, टेलीफोन सुविधा होने के बाद कई खिलाड़ियों से संपर्क टूट गया था जिसकी वजह से टीम को नुकसान पहुंचा. जम्मू-कश्मीर की टीम आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम की विजी ट्रॉफी में हिस्सा लेना था और इससे पहले उसे कई प्रैक्टिस मैच भी खेलने थे।