मीडिया का दावा ट्विट्टर ट्रेंड #GoBackModi के पीछे ‘पाकिस्तानी साज़िश’, क्या है सच?

11 अक्टूबर को लगभग 3:30 बजे प्रसारित ‘एक्सक्लूसिव’ स्टोरी में टाइम्स नाउ ने दावा किया कि चेन्नई में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ प्रधानमंत्री की बैठक से पहले #GoBackModi हैशटैग को ट्रेंड कराने के पीछे पाकिस्तानी सोशल मीडिया अकाउंट का हाथ था।

टाइम्स नाउ के एंकर ने दावा किया कि “ट्विटर पर #GoBackModi ट्रेंड कर रहा है। महाबलीपुरम में प्रधानमंत्री मोदी की मुलाक़ात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होने से कुछ घंटे पहले अब यह खुलासा हुआ है कि ट्विटर पर इस ट्रेंड के पीछे पाकिस्तान की साजिश है”-अनुवादित, तब टेलीविजन स्क्रीन पर “#GoBackModi ट्रेंड के पीछे पाक” और “भारत-चीन मेलजोल से भयभीत” फ्लैश हो रहा था। एंकर ने दावा किया कि इस हैशटैग को ट्वीट करने वाले अधिकांश उपयोगकर्ता पाकिस्तान के थे।

CNN News18 ने शाम करीब 4 बजे वैसी ही एक रिपोर्ट प्रसारित की — “यह भारत और इसके निर्वाचित नेता को बदनाम करने की एक खतरनाक अंतरराष्ट्रीय साज़िश है क्योंकि हमारी समझ में आ रहा है कि वास्तव में इसके पीछे बड़ी संख्या में पाकिस्तान के ट्विटर हैंडल हैं, संभवतः इस ट्रेंड को बढ़ाने के लिए सक्रिय इसके प्रचार विंग की निगरानी में, जो कि हमारे कार्यकारी संपादक भूपेंद्र चौबे चुन-चुन कर दे रहे हैं…” (अनुवाद)

चौबे ने आगे कहा, “यह एक बहुत ही चौंकाने वाली गतिविधि है जिसे हम अब आपके सामने रख रहे हैं। यह तथ्य कि भारतीय प्रधानमंत्री जो स्पष्ट रूप से भारत के नंबर एक राजनेता हैं, इस बात को लेकर कोई बहस नहीं है… हमने अपने स्रोतों से जाना है कि इन हैंडल्स की पाकिस्तान से, इमरान खान से आने वाली बहुत सी चीजों को रीट्वीट और समर्थन किया है…”-अनुवादित।

पत्रकार ने एक ट्वीट में भी ऐसा ही दावा किया है, “…पाकिस्तानी हैंडल्स द्वारा रची जा रही @narendramodi के खिलाफ साजिश।”(अनुवाद)

News18 के अमीश देवगन और कन्नड़ मीडिया संगठन ने भी ऐसे ही दावे किए।

द टाइम्स ऑफ इंडिया और इंडिया टुडे ने भी सुझाव दिया कि इस ट्रेंड के पीछे “पाकिस्तान स्थित हैंडल”  शामिल थे। इंडिया टुडे ने तो इस विषय पर रात 10 बजे एक शो भी किया।

इंडिया टुडे का दावाः ISI द्वारा “लोकेशन में हेरफेर”

बाद में एंकर राहुल कंवल के प्रसारण में इंडिया टुडे ने हैशटैग #GoBackModi का उपयोग करके किए गए ट्वीट का विश्लेषण करने का प्रयास किया। चैनल के एक संवाददाता, निखिल रामपाल ने कहा, “अगर भारत से ट्वीट की शुरुआत हुई तो 70%। यदि आप राज्यवार लोकेशन मैप की जाँच करें, तो 60% सिर्फ तमिलनाडु से ही थे”, इस पर कंवल ने जवाब दिया, “लेकिन अगर मैं कोई ऑपरेशन चला रहा हूं तो मैं नकली अकाउंट भी बना सकता हूं। ऐसा बनाते हैं जिससे लगता है कि यह तमिलनाडु से है लेकिन यह ISI भी हो सकता है।”-अनुवादित।

कंवल के बात को आगे बढ़ाते हुए, रामपाल ने बताया कि कैसे यह ‘ऑपरेशन’ हुआ होगा — “मैं आपको एक उदाहरण दिखाना चाहता हूं। मैंने अभी कराची से ट्वीट किया है और ट्विटर लोकेशन मुझे अभी कराची में दिखा रहा है। जब ट्विटर को मेरा डेटा मिल जाता है, तो मैं सिर्फ एक फ़र्ज़ी थर्ड पार्टी जियोटैग का इस्तेमाल करता हूं… ट्विटर लोकेशन को बहुत आसानी से नकली बनाया जा सकता है, इन लोकेशन से ट्विटर ट्रेंड में हेरफेर किया जा सकता है क्योंकि ये प्राप्त सेवाएं है। इसलिए मैंने एक नकली जीपीएस लिया, मैंने अपना स्थान कराची में रखा और मैं न्यूयॉर्क, चिली, एंटीगुआ जहां से भी मैं चाहता हूं, अपना ट्वीट लिखता हूं। इस तरह से ट्रेंड्स में हेरफेर किया जा सकता है।”-अनुवादित।

तथ्य-जांच

ज़्यादातर मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि भारत में #GoBackModi को ट्रेंड कराने के पीछे पाकिस्तानी उपयोगकर्ता का हाथ था। जबकि, ट्विटर के ट्रेंड क्षेत्र-विशेष के लिए होते हैं, जिसका अर्थ हुआ कि भारत में किसी विषय को ट्रेंड कराने के लिए, भारत के उपयोगकर्ताओं को इस मुद्दे पर ट्वीट करने की आवश्यकता है, और इसी तरह, यदि उपयोगकर्ता पाकिस्तान से ट्वीट कर रहे हैं, तो वह हैशटैग पाकिस्तान में ट्रेंड होगा। इसके अलावा, वैश्विक रुझान सूची में मुद्दे तब दिखाई देते हैं जब एक ही समय में कई देशों के लोग उस विषय के बारे में ट्वीट कर रहे हो।

ट्विटर ट्रेंड से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के अनुसार, “रुझान एक एल्गोरिथ्म (गणित की विधि) से निर्धारित किए जाते हैं और, डिफ़ॉल्ट रूप से, जिन्हें आप फॉलो करते हैं, आपके हितों, और आपके स्थान के आधार पर आपके अनुरूप होते हैं।” (अनुवाद ) यह आगे बतलाता है, “लोकेशन ट्रेंड, किसी विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र में लोगों के बीच लोकप्रिय विषयों की पहचान करते हैं।”

हालांकि, इंडिया टुडे ने दावा किया कि ट्विटर को हेरफेर करने के लिए स्थान आसानी से बदला जा सकता है, तब इस चैनल ने संदेह के बीज बोने का प्रयास किया। हालांकि ट्विटर को नकली लोकेशन प्रदान किए जा सकते हैं, लेकिन, नकली निर्देशांक प्रदान करके आपके स्थान को बदलने का मतलब यह नहीं है कि किसी निश्चित हैशटैग के साथ आपका ट्वीट दूसरे देश में ट्रेंड किया जा सके। इसका कारण है कि उपयोगकर्ता का स्थान निर्धारित करने के लिए ट्विटर जो तंत्र नियुक्त करता है वह कहीं अधिक विस्तृत है।

ट्विटर पर लोकेशन सेटिंग्स कैसे काम करती है?

ट्विटर के अनुसार, “आपका प्रोफ़ाइल स्थान आपके सार्वजनिक अकाउंट प्रोफ़ाइल का हिस्सा है और पूरी तरह से वैकल्पिक है। आपका प्रोफ़ाइल स्थान अपने आप को व्यक्त करने के लिए और दुनिया को दिखाने के लिए आपका स्थान है, जिन्हें आप शेयर करते हैं”(अनुवाद)। प्रोफ़ाइल स्थान अमेरिका में बैठे व्यक्ति को अनिवार्य रूप से ‘ऑस्ट्रेलिया’ या ‘इंडोनेशिया’ या जिस भी देश से वह आना चाहता है, वहां खुद को रखने देता है। इसके अलावा, ट्वीट करते समय ट्विटर एक जियोलोकेशन (अक्षांश, देशांतर) को निर्दिष्ट करने की भी अनुमति देता है। नकली जियोलोकेशन प्रदान करने के तरीके हैं।

तो क्या इसका मतलब यह है कि एक देश से पोस्ट किया गया ट्वीट किसी दूसरे देश में किसी ट्रेंड से किया जाये, यदि स्थान बदल दिया गया हो?

नहीं। ट्विटर बताता है कि “जब आप ट्विटर पर आते हैं, तो हम आपके स्थान के बारे में जैसे कि आपके आईपी पता, जीपीएस से सटीक स्थान की जानकारी, या आपके मोबाइल उपकरण का वायरलेस नेटवर्क या आपके मोबाइल उपकरण के नज़दीकी मोबाइल टॉवर के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।”-अनुवादित।

ट्विटर की गोपनीयता नीति के उप-अनुभाग ‘स्थान की जानकारी’ में इस बात पर विस्तृत रूप से बताया गया है कि कैसे यह प्लेटफ़ॉर्म किसी व्यक्ति का स्थान निर्धारित करता है – “जब आप ट्विटर का उपयोग करते हैं, भले ही आप केवल ट्वीट्स देख रहे हों, तो हम आपसे कुछ व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त करते हैं जैसे उपकरण का प्रकार जो आप उपयोग कर रहे हैं और आपका आईपी पता।”-अनुवाद।

आम भाषा में प्रोफ़ाइल स्थान में परिवर्तन आपके वास्तविक स्थान को नहीं छिपाता है क्योंकि ट्विटर, उपयोगकर्ताओं के आईपी एड्रेस (और अन्य डेटा) लेता है जो उनके स्थान का खुलासा करते हैं। उदाहरण के लिए, ऑल्ट न्यूज़ द्वारा उपयोग किए गए सर्वर का आईपी एड्रेस बताता है कि यह संगठन अहमदाबाद, गुजरात में स्थित है।

इसके अलावा, आइए हम यह भी देखें कि भारत और पाकिस्तान दोनों में 11 अक्टूबर को क्या ट्रेंड कर रहा था, विशेष रूप से दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे के बीच, जिस समय अधिकांश मीडिया रिपोर्ट प्रकाशित हुई थीं। अगर अधिकांश उपयोगकर्ता पाकिस्तान के होते, तो इस दौरान यह हैशटैग उसी देश में ट्रेंड हो रहा होता, जबकि ऐसा नहीं था।

पाकिस्तान के टॉप ट्रेंड्स 

#GoBackModi या प्रधानमंत्री के चीनी समकक्ष के साथ बैठक से संबंधित कोई अन्य हैशटैग पाकिस्तान में दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे के बीच नहीं चला। पाकिस्तान में भारत से संबंधित एकमात्र हैशटैग #KashmirChained था। यह बात, trends24.in वेबसाइट पर दुनिया भर के ट्विटर ट्रेंड्स की खोज करने पर सामने आई।

हमने देखा कि यह हैशटैग पाकिस्तान में रात 9 बजे के बाद ही उठाया गया, जब वह 20वें स्थान पर था।

रात्रि लगभग 11:30 बजे, इसे कुछ गति मिली और यह 12वें स्थान पर चलने लगा

भारत के टॉप ट्रेंड्स

भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स 11 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे के बीच हैशटैग #GoBackModi के साथ बड़ी संख्या में ट्वीट कर रहे थे।

इसमें भी महत्वपूर्ण बात यह है कि इस हैशटैग ने उस दौरान शीर्ष स्थान बनाया, जब मीडिया प्रसारणों में #GoBackModi के लिए पाकिस्तान को ज़िम्मेदार ठहराया जा रहा था।

ज़्यादातर ट्वीट तमिल में

ऑल्ट न्यूज़ ने उर्दू में – जो पाकिस्तान में इस्तेमाल की जाने वाली सबसे प्रमुख भाषा है – किए गए #GoBackModi ट्वीट्स की संख्या निर्धारित करने के लिए ट्विटर सर्च ऑपरेटरों के माध्यम से एक भाषा-आधारित खोज भी की। हमने उर्दू में किए गए सभी ट्वीट्स की खोज के लिए 10 अक्टूबर को ‘#GoBackModi lang: ur: 2019-10-10’ कीवर्ड्स का उपयोग किया। 12 अक्टूबर को दोपहर 12:30 बजे तक, कुछ 100 ट्वीट्स थे और उनमें से ज्यादातर कश्मीर से संबंधित थे।

इसके विपरीत, 10 अक्टूबर से तमिल में किए गए सभी ट्वीट्स की समान खोज – ‘#GoBackModi lang:ta since:2019-10-10’ – में कई सारे परिणाम मिले। उल्लेखनीय है कि तमिल भाषा पाकिस्तान में लोकप्रिय नहीं है।

इंडिया टुडे ने खुद दावा किया कि 70% #GoBackModi ट्वीट भारत के थे और इनमें से 60% तमिलनाडु से आए थे। लेकिन चैनल ने इस बारे में कोई सबूत नहीं दिया कि यह ‘ISI की साजिश’ कैसे थी। अन्य मीडिया संगठनों – टाइम्स नाउ, न्यूज़18, द टाइम्स ऑफ इंडिया – ने भी अपने दावे के लिए बिना किसी आधार के, बड़ी साज़िश का आरोप लगाया। इनमें से प्रत्येक संगठन को इस धारणा के लिए तार्किक स्पष्टीकरण देने की आवश्यकता है कि कैसे पाकिस्तान के हज़ारों उपयोगकर्ता अपने आईपी एड्रेस, जीपीएस स्थानों और अन्य सभी मापदंडों को — जिनका उपयोग ट्विटर किसी व्यक्ति के स्थान का निर्धारण करने के लिए करता है — नकली करने में कामयाब रहे और भारतीय ट्रेंडिंग सूची में दिखाने के लिए वह हैशटैग ट्विटर द्वारा लिए जाने का खेल रचा गया।

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