
पटना: बिहार में भीषण गर्मी और लू की चपेट में आने से 24 घंटे के भीतर और 12 लोगों की मौत हो गई. एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि पिछले तीन दिनों में 90 लोगों की मौत हो चुकी है. अनाधिकारिक खबरों में हालांकि एक दर्जन जिलों में लोगों की मौत का आंकड़ा 250 तक पहुंचने का दावा किया गया है. ये मौतें औरंगाबाद, गया, नवादा और जमुई जिलों में हुई हैं. इन जिलों में 15, 16 और 17 जून को तापमान 42 से 45.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था.
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की वेबसाइट के मुताबिक, मंगलवार तक लगभग 90 मौतें हो चुकी हैं. औरंगाबाद में 41, गया में 35 और नवादा में 14 लोग लू की चपेट में आकर काल के गाल में समा गए.
झुलसा देने वाली गर्म हवाओं के कहर के मद्देनजर गया, बेगूसराय, दरभंगा, गोपालगंज, मधुबनी और सीतामढ़ी जिलों में पहली बार निषेधाज्ञा यानी आपराधिक दंड संहिता की धारा 144 लागू कर दी गई है.
बिहार के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने यहां मीडिया से कहा कि सरकार जांच कराएगी कि 15 जून को दोपहर बाद तीन से पांच बजे के बीच गर्म हवाओं का प्रकोप कैसे तेज हो गया, जिस कारण लू की चपेट में आने से लोगों के मरने की संख्या उच्चतम स्तर पर पहुंच गई. कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने भी अगले चार दिनों में पर्यावरणीय सर्वेक्षण करवाने के आदेश दिए हैं.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपए की अनुग्रह राशि दिए जाने की घोषणा पहले ही कर चुके हैं.
सरकार ने गर्मी से सतर्क रहने और दिन के समय घर से बाहर न निकलने का परामर्श भी जारी कर चुकी है.
मगध परिक्षेत्र के अवर स्वास्थ्य निदेशक डॉ. विजय कुमार ने कहा कि लगभग 100 लोग गया, औरंगाबाद व नवादा के सरकारी अस्पतालों में भर्ती हैं और इन तीनों जिलों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दर्जनों लोगों का उपचार चल रहा है.
बिहार में एक मार्च से गर्मी से 108 लोगों की मौतें होना पहले बताया गया, जिनमें औरंगाबाद में 47, गया में 34, नवादा में 14, मुंगेर में 4, बेगूसराय में 3, नालंदा में एक और वैशाली में एक व्यक्ति की मौत हुई है.
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