
बिहार के छपरा के बनियापुर के पिठौरी नन्दलाल टोला में हुई मॉब लिंचिंग कांड में पुलिस ने 8 नामजद सहित दर्जन भर लोगों को आरोपी बनाया है। इस मामले में दो प्राथमिकी दर्ज की गई है और कुल सात लोगों को हिरासत में लिया गया है।
ज़ी न्यूज़ पर छपी खबर के अनुसार, एसपी हरकिशोर राय ने बताया कि सुबह 4 बजे के आसपास मवेशी चोरों को ग्रामीणों ने बेरहमी से पिटाई कर दी। इससे दो की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. तीसरे की मौत इलाज के दौरान हुई।
पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि पिठौरी गांव में तीन से चार लोग मवेशी चोरी करने की नीयत से रात को एक वाहन (पिकअप वैन) लेकर पहुंचे थे। इसी क्रम में ये लोग बूढा राय के घर से मवेशी खोलकर वाहन पर चढ़ा रहे थे, तभी राय की नींद खुल गई और शोर मचाने लगे।
इसके बाद शोर सुनकर गांव के अन्य पहुंचे ग्रामीणों ने तीन संदिग्ध चोरों को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। इस पिटाई में दो लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घायल अवस्था में एक को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।
मृतकों की पहचान पास के ही मुस्तफापुर गांव के रहने वाले नौशाद कुरैशी तथा कन्हौली गांव निवासी राजू नट और विदेश नट के रूप में हुई है।
घटना की सूचना मिलने के बाद मृतकों के परिजन सदर अस्पताल पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। मृतक के परिजनों का आरोप है कि तीनों लोग चोर नहीं थे, इन सभी की एक साजिश के तहत हत्या की गई है।
सारण के पुलिस अधीक्षक हरिकिशोर राय ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई तथा शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। उन्होंने कहा कि मृतक के परिजनों के बयान पर हत्या की एक प्राथमिकी बनियापुर थाना में दर्ज कर ली गई।
राय ने बताया कि इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। सभी आरोपी पिठौरी गांव के ही रहने वाले हैं।
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