बच्चों का घर में नही लगता दिल,शाहीनबाग धरना प्रदर्शन में जाने के लिये रोते हैं, देखिए नन्हें मुन्ने सिपाहियों को

नई दिल्ली:(ओसामा नदवी) राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के शाहीनबाग में 36 दिनों से नागरिकता कानून के विरोध में धरना प्रदर्शन चल रहा है,जिसमें सैकड़ों महिलाएँ खुले आसमान के नीचे हाड़ कांपने वाली सर्दी में बैठी हैं और सरकार से कानून वापस लेने की माँग कर रही हैं।

शाहीनबाग प्रोटेस्ट अब इंटरनेशनल स्तर पर मशहूर हो चुका है देश दुनिया से इसकी हिमायत की जारही है और इसके तर्ज पर देश के कई बड़े बड़े शहरों में प्रदर्शन होने शुरू हो गए हैं जो सरकार की नाक में दम करने का काम कर रहे हैं।

शाहीनबाग प्रोटेस्ट में रोजाना रात के समय में भीड़ हजारों की संख्या में पहुँच जाती और लोग इसमें भाग लेते हैं,लेकिन यहां बड़ी संख्या में बच्चे भी देखने को मिल रहे हैं जो अपनी माँ और बाप के साथ यहां पहुँचते हैं।

शाहीनबाग प्रोटेस्ट से दो नन्हें मासूम बच्चों की तस्वीर तेजी से वायरल हो रहे हैं जिनको लोग जमकर सोशल साइट्स पर शेयर कर रहे हैं जो बड़ो का हौसला बढ़ा रहे हैं।

इन दोनों नन्हें प्रदर्शनकारियों का नाम ज़ैद हामिद और ज़ैन हामिद है जो Aimim के वरिष्ठ नेता हामिद संजरी के बेटे हैं,जो पिछले एक महीने से अधिक समय से स्कूल से आने के बाद शाहीनबाग धरना प्रदर्शन में पहुँच जाते हैं।

ज़ैन और ज़ैद अपने पिता हामिद संजरी के साथ

हामिद संजरी ने बताया कि अगर बच्चों को प्रोटेस्ट में ना लेकर जाएँ तो ये घर पर रोते हैं और प्रदर्शन में शामिल होने की ज़िद्द करते हैं,इस लिये हमें भी ये अपने साथ शामिल होने पर मजबूर करते हैं।

हामिद संजरी ने कहा कि भले ही ये सरकार हमारे हौसले तोड़ना चाहती हो लेकिन ये हमारे नन्हें मुन्ने बच्चों के हौसलों के सामने नही टिकती है जो बचपन से ही अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ना सीख गए हैं।

This post appeared first on The Inquilaab http://theinquilaab.com/ POST LINK Source Syndicated Feed from The Inquilaab http://theinquilaab.com

اپنی رائے یہاں لکھیں

Discover more from ورق تازہ

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading