प.बंगाल, कर्नाटक के मस्जिद की तस्वीरों को ब्रिटिश लाइब्रेरी में मौजूद बाबरी मस्जिद का बताया गया

सोशल मीडिया में कुछ तस्वीरें इस दावे से प्रसारित है कि यह अयोध्या के बाबरी मस्जिद की तस्वीरें है, जिसे ब्रिटिश लाइब्रेरी के संग्रहालय में रखा गया है।

जैसा कि उपरोक्त ट्वीट में देखा जा सकता है बाबरी मस्जिद का बताकर चार तस्वीरें शेयर की गई है। इस ट्वीट को AIMIM प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी रिट्वीट किया है।

इन तस्वीरों को समान दावे से फेसबुक पर भी पोस्ट किया गया है।

तो क्या यह तस्वीरें वास्तव में बाबरी मस्जिद को दर्शाती है? क्या ये तस्वीरें ब्रिटिश लाइब्रेरी के संग्रहालय का हिस्सा है?

तथ्य जांच: असंबधित तस्वीरें

सोशल मीडिया में प्रसारित कोई भी तस्वीर बाबरी मस्जिद को नहीं दर्शाती है। आइए इन सभी तस्वीरों की हकीकत देखते हैं।

पहली तस्वीर

उपरोक्त तस्वीर को रिवर्स सर्च करने से मालूम हुआ कि यह तस्वीर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में स्थित मोतीझील मस्जिद की है। नीचे पोस्ट की गई तस्वीर मोतीझील मस्जिद की है, जिसे विकिपीड़िया पर देखा जा सकता है।

दूसरी तस्वीर

उपरोक्त तस्वीर कर्नाटक के गुलबर्ग किले के जामा मस्जिद की है। यह मस्जिद 1367 CE में बनाई गई थी। नीचे पोस्ट की गई मस्जिद की तस्वीर दूसरे एंगल से ली गई है।

तीसरी तस्वीर

उपरोक्त तस्वीर को रिवर्स सर्च करने पर ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि यह तुर्की की तस्वीर है। तुर्की के बर्सा में स्थित ग्रीन मस्जिद की यह तस्वीर है, जिसे तुर्की भाषा में ‘Yeşil Camii’ कहा जाता है।

चौथी तस्वीर

उपरोक्त तस्वीर बाबरी मस्जिद की नहीं है, जैसा कि दावा किया गया है। हमने इस तस्वीर को रिवर्स सर्च किया और इसे Team BHP नामक एक ऑटोमोबाइल वेबसाइट पर पोस्ट किया गया पाया। यह इब्राहिम रोज़ा के एक हिस्से को दर्शाती है जो कर्नाटक के बीजापुर में स्थित एक मकबरा है। इसे इब्राहिम आदिल शाह II (1579-1627 CE) द्वारा संचालित किया गया था।

इस प्रकार यह ध्यान देने वाली बात है कि सोशल मीडिया में प्रसारित की गई एक भी तस्वीर बाबरी मस्जिद को नहीं दर्शाती है। इस महीने की शुरुआत में भी ऐसा ही एक दावा प्रसारित किया गया था। तुर्की और अफ़ग़ानिस्तान की तस्वीरों को बाबरी मस्जिद का बताकर शेयर किया गया था।

The post प.बंगाल, कर्नाटक के मस्जिद की तस्वीरों को ब्रिटिश लाइब्रेरी में मौजूद बाबरी मस्जिद का बताया गया appeared first on Alt News.

Syndicated Feed from Altnews/hindi Original Link- Source

اپنی رائے یہاں لکھیں

Discover more from ورق تازہ

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading