भिवंडी ।। भिवंडी में चल रही तमाम इंग्लिश व पहिंदी स्कूल इन दिनों हैंडीकैप के लिए चंदा के नाम पर छात्रो को घर-घर भेजकर भीख मगवा रहे है। जिसे लेकर अभिभावकों में स्कूल प्रशासन के प्रति घोर नाराजगी व्याप्त है। बावजूद शिक्षा विभाग इस भीख मगाई पर ध्यान न देकर मूक दर्शक बना हुआ है।
बता दे कि भिवंडी में इन दिनों कई दर्जन इंग्लिश ,इंग्लिश स्कूल चलते है। ओम प्रकाश अग्रवाल ,पोद्दार ,सत्यनारायण हिंदी हाई स्कूल सहित तमाम स्कूल इसमें पढ़ने वाले बच्चो को स्कूल के समय के बाद एक फार्म देकर घर-घर भेजकर बच्चो से चंदा जमा करवा रहे है। बच्चो का कहना है कि स्कूल के शिक्षक उनसे पैसा मांगकर लाने तथा फार्म पर पैसा देने वालो का नाम लिखकर लाने के लिए बोलते है। हर फार्म पाने वाले बच्चे को कम से कम दो से पांच सौ रुपया जमा करना रहता है। छात्र बताते है कि बच्चो से पैसा कैंसर पीडितो अथवा हैंडीकैप लोगों के दवा व इलाज के नाम पर वसूला जाता है। बच्चो को अपने शिक्षको का फरमान पूरा करने के नाम पर बच्चो को काफी जिल्लत भी झेलनी पड़ती है। स्कूल प्रशासन द्वारा कराए जाने वाले इस भिख मंगाई कृत्य से अभिभावकों में घोर नाराजगी व्याप्त है।समाजसेवक महेंद्र सिंह का कहना है कि बच्चो द्वारा इकठ्ठा कराए जाने वाले पैसे को वे खुद देने के लिए तैयार रहते है। लेकिन फार्म पर पैसा देने वाले का नाम व पता लिखना जरुरी होने के कारण बच्चे इसे लेने को तैयार नहीं होते है। अभिभावकों का कहना है कि वे अपने बच्चो को स्कूल में पढ़ने के लिए भेजते है भीख मगवाने के लिए नहीं।अगर स्कूल को जरूरतमंदो की मदद की इतनी चिंता है तो खुद शिक्षको को अपना वेतन देकर इनकी मदद करें,न कि बच्चों से भीख मंगवाकर।इधर भिवंडी शहर जिला कांग्रेस के महासचिव व समाजसेवक फूलचंद यादव ने आरोप लगते हुए कहा कि अगर स्कुल वालो को किसी की मदद करने की इतनी अभिलाषा है तो उन्हें खुद के पैसे से अथवा डोनेशन में लिए पैसे के मदद में क्यों नहीं दे देते है।उन्होंने तत्काल बच्चों को पढाई की जगह कमाई पर लगाने वाले इंग्लिश स्कूलों पर कार्यवाई करने की मांग मनपा शिक्षण समिति से की है। हैरत की बात यह है कि स्कूल वालो द्वारा इकठ्ठा कराए जा रहे इस प्रकार के पैसे की कोई जानकारी उक्त विभाग को नहीं रहता है।साथ ही इसके लिए स्कुल वाले चर्टी कमिशनर से कोई इजाजत नहीं लिए रखते है।भिवंडी मनपा शिक्षण समिति के शिक्षण नियंत्रण अधिकारी आत्माराम तायड़े का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नही है।जल्द ही वे स्कूल वालों से इस बारे में जानकारी मंगाकर उन पर न सिर्फ कार्यवाई करेंगे बल्कि इस भीख मगाई पर प्रशासन द्वारा अंकुश लगाएंगे।