
बिहार सीएम नीतीश कुमार ने कहा है कि राज्य में दंगों और अपहरण के मामलों में कमी आई है लेकिन हत्या और डकैती की घटनाएं बढ़ी हैं। पुलिस से कहा कि सरकार इतनी सुविधाएं पुलिस को दे रही है तो पुलिस को भी अच्छे से काम करना चाहिए।
डी डब्ल्यू हिन्दी पर छपी खबर के अनुसार, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 18 जुलाई को बजट पर चल रही बहस में राज्य की कानून व्यवस्था और पुलिस सुधारों के बारे में बात की। नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य में सामाजिक सद्भाव बढ़ा है क्योंकि दंगों के मामलों में बहुत कमी आई है।
हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि राज्य में हत्या और डकैती के मामले बढ़े हैं। नीतीश ने सोशल मीडिया पर फैलाई जाने वाली अफवाहों के चलते होने वाले अपराधों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की अफवाहों के कारण कई बार कानून व्यवस्था बिगड़ी है।
नीतीश कुमार ने सदन में जानकारी देते हुए कहा,”पिछले साल की तुलना में जनवरी से मई के बीच दंगा होने की घटनाओं में 32 प्रतिशत की कमी आई है। अपहरण और फिरौती के मामलों में भी 44 प्रतिशत की कमी हुई है।
सेंधमारी के मामले भी पहले की तुलना में कम हुए हैं। लेकिन हत्या और डकैती के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है। हत्या के मामले दो प्रतिशत और डकैती के मामले आठ प्रतिशत बढ़े हैं।
नीतीश कुमार ने दंगों के बारे में कहा कि दो समुदायों के बीच होने वाली हिंसा को दंगा नहीं कहा जाता। बल्कि ऐसी हिंसा जिसमें पांच ज्यादा से लोगों का कोई समूह शामिल हो दंगा कहलाता है। ऐसी हिंसा में कमी सामाजिक सद्भाव में बढ़ोत्तरी दिखाती है।
उन्होंने कहा कि हत्या के मामलों में अधिकतर जमीन विवाद के चलते हुईं हत्याएं थीं। चोरी के मामलों में अधिकतर घटनाएं दोपिहया वाहनों की चोरी के हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में देश में सबसे ज्यादा दोपहिया वाहनों की बिक्री होती है। इसलिए इनकी चोरी भी बढ़ी।
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