दिल्ली में पिछले तीन दिनों से जारी हिंसा में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 से अधिक घायल बताए जा रहे हैं। दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने बुधवार को एक ट्वीट के माध्यम से बताया कि वह पूरी रात बड़ी संख्या में लोगों के संपर्क में रहे। यह स्थिति तनावपूर्ण है। सभी उपायों के बाद भी पुलिस स्थिति को नियंत्रण नहीं कर पा रही है। सेना को बुलाया जाना चाहिए और कर्फ्यू लगाना चाहिए। मैं इसके लिए गृहमंत्री को पत्र लिख रहा हूं।
Delhi CM: Situation is alarming. Police, despite all its efforts, is unable to control the situation & instill confidence. Army should be called in & curfew should be imposed in rest of affected areas immediately. I am writing to the Home Minister to this effect. (file pic) pic.twitter.com/x9eifxSX3T
— ANI (@ANI) February 26, 2020
इस बीच संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस दिल्ली पर नजर बनाए हुए हैं जहां नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थकों और विरोधियों के बीच हिंसा चल रही है। उनके प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने अपनी डेली ब्रीफिंग में एक सवाल के जवाब में कहा, “लोगों को शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने की अनुमति दी जानी चाहिए और सुरक्षा बल संयम बरते। यह महासचिव का हमेशा से रुख रहा है।”
उन्होंने कहा, “हम निश्चित ही स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।” बाद में हेड कांस्टेबल रतन लाल के मारे जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "लोगों को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की जरूरत है।”
Delhi: Security personnel conducting flag-march in Babarpur area. #DelhiViolence pic.twitter.com/cz66M8pON7
— ANI (@ANI) February 26, 2020
गौरतलब है कि उत्तर पूर्वी दिल्ली के मौजपुर, चौहानबांगर, जाफराबाद, बाबरपुर और सीलमपुर के इलाकों में माहौल तनावपूर्ण है। बीते 48 घंटो से लगातार रुक रुक कर पत्थरबाजी होती रही। सीलमपुर से लेकर गौकुलपुरी चौराहे के बीच कई दुकानों में आगजनी की हुई है। दिल्ली के कई इलाकों शांति व्यवस्था कायम करने के लिए सुरक्षा बल फ्लैग मार्च कर रहे हैं।