
पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर साइमन टफेल ने सोमवार को कहा कि विश्व कप फाइनल के अंपायरों ने इंग्लैंड को ‘ओवरथ्रो’ के लिये पांच के बजाय छह रन देकर गलती की, लेकिन इस पर आईसीसी ने टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया. भाग्य इंग्लैंड के साथ था जिसे आखिरी ओवर में ओवरथ्रो से छह रन मिले. मार्टिन गुप्टिल का थ्रो बेन स्टोक्स के बल्ले से लगकर सीमा रेखा पार चला गया था. इंग्लैंड ने मैच टाई कराया और फिर सुपर ओवर भी टाई छूटा जिसके बाद ‘बाउंड्री’ गिनती की गयी और इंग्लैंड चैंपियन बन गया.
आईसीसी के पांच बार के वर्ष के सर्वश्रेष्ठ अंपायर चुने गये टफेल ने कहा, ‘‘यह साफ गलती थी. यह बहुत खराब फैसला था. उन्हें (इंग्लैंड) पांच रन दिये जाने चाहिए थे छह रन नहीं.’’ आईसीसी ने इस पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया. उसके प्रवक्ता ने केवल इतना कहा, ‘‘अंपायर नियमों को ध्यान में रखकर मैदान पर फैसले करते हैं और नीतिगत मामलों में हम किसी तरह की टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं.’’
आस्ट्रेलिया के पूर्व अंपायर टफेल अब एमसीसी की नियम बनाने वाली उप समिति का हिस्सा हैं. यह घटना मैच के अंतिम ओवर में हुई. टीवी रीप्ले से साफ लग रहा था कि आदिल राशिद और स्टोक्स ने तब दूसरा रन पूरा नहीं किया था जब गुप्टिल ने थ्रो किया था, लेकिन मैदानी अंपायर कुमार धर्मसेना और मारियास इरासमुस ने इंग्लैंड के खाते में छह रन जोड़ दिये. चार रन बाउंड्री के तथा दो रन जो बल्लेबाजों ने दौड़कर लिये थे.
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