
मध्य प्रदेश में टेरर फंडिंग मामले में पूर्व बजरंग दल नेता बलराम सिंह समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
वहीँ बजरंग दल के नेता की गिरफ्तारी के संदर्भ में सीएम ने कहा ‘जो भी आतंकी फंडिंग से जुड़ा है या फिर मध्य प्रदेश में जासूसी रैकेट चला रहा है उसे किसी भी राजनीतिक संगठन से जुड़े होने के बावजूद बख्शा नहीं जाएगा। पूरे रैकेट का पर्दाफाश होना चाहिए। प्रदेश की धरती पर टेरर फंडिंग और आईएसआई की जासूसी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।’
बता दें कि बुधवार को सतना से पुलिस ने 4 लोगों को आतंकियों से संबंध होने के शक में गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि इनके कनेक्शन पाकिस्तान बेस्ड टेरर सिंडिकेट से हैं। वहीं, उनके कब्जे से बरामद फोन पाकिस्तान के 17 फोन नंबर भी मिले हैं। तीनों लोग इन नंबरों पर लगातार वॉट्सऐप कॉल करते थे और वीडियो मैसेज भेजते थे। एंटी टेरर स्क्वायड को इंदौर में पुलिस द्वारा चलाए गए टेरर फंडिंग ऑपरेशन के तहत इनकी जानकारी मिली थी।
ISI पाकिस्तान के लिए ख़ुफ़िया गिरी करते हुए भाजपा के नेताओं को NSA में गिरफ़्तार कर सख़्त सज़ा मिलनी चाहिए। धिक्कार है शिवराज तुम्हें , तुम्हारे चेले पाकिस्तान ISI के एजेंट निकले जिन्हें तुमने ज़मानत पर छुड़वाने में मदद की। देशद्रोही कौन है ? https://t.co/plG62sg6x8
— digvijaya singh (@digvijaya_28) August 25, 2019
मध्य प्रदेश कांग्रेस के मीडिया संयोजक नरेंद्र सलूजा ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा कि बलराम सिंह बजरंग दल के नेता है। 2017 में बलराम और बीजेपी कार्यकर्ता ध्रुव सक्सेना को एटीएस ने टेरर फंडिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। लेकिन दोनों पिछले साल ही जमानत पर रिहा कर दिया गया था।
वहीँ पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी ट्वीट कर लिखा कि आईएसआई पाकिस्तान के लिए ख़ुफियागिरी करते हुए भाजपा के नेताओं को एनएसए में गिरफ्तार कर सख्त सजा मिलनी चाहिए. धिक्कार है शिवराज तुम्हें, तुम्हारे चेले पाकिस्तान आईएसआई के एजेंट निकले, जिन्हें तुमने जमानत पर छुड़वाने में मदद की. देशद्रोही कौन है?
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