
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिेमिन को भी झारखंड की जनता का साथ नहीं मिला।
इंडिया टीवी न्यूज़ डॉट कॉम पर छपी खबर के अनुसार, ओवैसी की पार्टी न तो कांग्रेस और झामुमो के वोटरों को प्रभावित कर सकी और न ही भाजपा को ही नुकसान पहुंचाने में सफल रही।
ओवैसी ने गढ़वा, विश्रामपुर, हजारीबाग, बरकट्ठा, बोकारो, मधुपुर, डुमरी, धनवार, सारठ, लातेहार, लोहरदगा, जमशेदपुर और राजमहल में अपना प्रत्याशी उतारा था।
झारखंड विधानसभा चुनावों असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। एआईएमआईएम का वोट शेयर नोटा से भी कम है।
एआईएमआईएम का वोट शेयर 1.16% है वहीं, NOTA का वोट शेयर 1.37% है। चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक एआईएमआईएम को सिर्फ 172872 वोट मिले हैं जबकि NOTA के तहत 203706 वोट पड़ चुके हैं। यही हाल आम आदमी पार्टी का भी है। आप को भी नोटा से कम वोट पड़े हैं।
बता दें कि झारखंड विधानसभा चुनाव- 2019 में अपनी पार्टी का खाता खोलने के लिए ओवैसी ने धुआंधार प्रचार किया था। लेकिन ओसैवी के उम्मीदवार जमानत भी नहीं बचा पाए।
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