
पाकिस्तान के साथ हुई हवाई झड़प के दिन भारतीय मिसाइल ने गलती से अपने ही देश के विमान को निशाना बनाया था, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई थी। उच्च स्तरीय जांच की रिपोर्ट के मुताबिक जम्मू कश्मीर के बडगाम में 27 फरवरी को वायुसेना का दुर्घटनाग्रस्त हेलिकाप्टर एमआई-17 भारतीय मिसाइल का ही निशाना बना था। इस रिपोर्ट में वायुसेना के 5 अधिकारियों को दोषी पाया गया है। इनमें श्रीनगर बेस के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर भी शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
हेलिकाप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने से छह सैन्यकर्मियों सहित सात लोगों की मौत हो गई थी। भारतीय वायु सेना ने जांच के नतीजे पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है। वायुसेना मुख्यालय ने घटना की एयर कमोडोर रैंक के अधिकारी के तहत कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी (सीओआई) का आदेश दिया था। जांच में पाया गया कि हेलिकॉप्टर में वह प्रणाली बंद थी, जिससे मित्र या दुश्मन की पहचान की जाती है।
इसके साथ ही जमीनी अधिकारियों और हेलिकॉप्टर के चालक दल के बीच संचार और समन्वय में तालमेल नहीं था। इस प्रणाली के तहत हवाई रक्षा रडार से पहचान होती है कि कोई विमान या हेलिकॉप्टर अपना है या शत्रुओं का। एक सूत्र ने कहा, ‘सैन्य कानून के प्रावधानों के अनुसार दोषी कर्मियों को कड़ी सजा का सामना करना पड़ेगा।’
उन्होंने कहा कि वायुसेना के शीर्ष अधिकारी घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा के बारे में फैसला करेंगे। वायुसेना ने मई में घटना की गहन जांच सुनिश्चित करने के लिए श्रीनगर अड्डे के एयर ऑफिसर कमांडिंग का तबादला कर दिया था।
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