कश्मीर में मारे गए लोगों के परिवार का दर्द- यहां काम नहीं है इसलिए बाहर जाते हैं हमारे लोग!

कश्मीर में मारे गए लोगों के परिवार का दर्द- यहां काम नहीं है इसलिए बाहर जाते हैं हमारे लोग!

कश्मीर में मारे गए पश्चिम बंगाल के गरीब मजदूरों के घर वालों ने कहा कि यहां राज्य में कोई काम नहीं है, इसलिए हमारे लोग बाहर जाकर काम करते हैं

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के पांच मजदूरों की हत्या के बाद इलाके में गम पसरा हुआ है। लाश को उनके गृह राज्य में लाया जा चुका है। इसके बाद परिवार वालों ने अपना दर्द बयान किया है।

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बहल नगर गांव के 5 लोगों की जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा हत्या किए जाने के बाद उस गांव के निवासियों ने इरादा किया है कि वह घाटी में हालात सामान्य होने तक अपने लोगों को वहां काम के लिए नहीं भेजेंगे।

इंडिया टीवी न्यूज़ डॉट कॉम के अनुसार, दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में सेब के बागों में काम करने वाले नईमुद्दीन शेख, मुरसलीम शेख, रफीक शेख, कमरुद्दीन और रफीक उल शेख की मंगलवार रात आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पांचों के शव गुरुवार सुबह मुर्शिदाबाद जिले में उनके गृह नगर लाए गए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले में घायल हुआ एक व्यक्ति जहीरउद्दीन शेख का अस्तपाल में उपचार चल रहा है। उसकी दो महीने पहले शादी हुई थी। सभी छह मजदूर मुर्शिदाबाद जिले के सागरडिगी इलाके के बहल नगर गांव के निवासी हैं।

बहल नगर के निवासी बीते दो दशक से नियमित रूप से काम के लिये घाटी जाते रहे हैं, लेकिन उन्होंने वहां कभी कोई परेशानी महसूस नहीं की।

घाटी में सेब के बागों में काम कर चुके नसीरुद्दीन अली (60) ने कहा, ‘हमें यकीन नहीं हो रहा कि नईमुद्दीन और मुरसलीम की हत्या कर गई है। वह हमारे पड़ोसी थे।

मेरे दो बेटे भी कश्मीर में काम करते हैं। वे पिछले सप्ताह वापस लौटे हैं। मैंने खुद भी 10-15 साल वहां काम किया है। हमने कभी ऐसे हालात का सामना नहीं किया।’

Syndicated Feed from Siasat hindi – hindi.siasat.com Original Link- Source

اپنی رائے یہاں لکھیں