नई दिल्ली: भारत की कूटनीतिक घेराबन्दी के कारण पूरी दुनिया में चक्कर लगाने और मदद माँगने वाले इमरान खान की अब तक ज़बरदस्त शिकस्त हो रही है,जम्मू कश्मीर मुद्दे को लेकर पाकिस्तान हमदर्दी बटोरने पर लगा हुआ है,इस मुद्दे को वैश्विक समुदाय में उठाने की कोशिश कर रहा है और इसमें नाकाम हो रहा है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान गुरुवार को सऊदी अरब की दो दिवसीय यात्रा के दौरान जेद्दा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की और कश्मीर मुद्दा उठाया।

इस पर प्रिंस सलमान ने क्या प्रतिक्रिया दी यह पता नहीं चल सका है। हालांकि, सऊदी ही नहीं दुनिया के प्रभावी मुस्लिम देश कश्मीर मुद्दे पर क्या सोचते ये बात किसी से छिपी नहीं है। पिछले दिनों इन देशों ने पाकिस्तान को दो टूक समझा दिया था कि वह अनाप शनाप बयानबाजी छोड़कर भारत के साथ बातचीत की पहल शुरू करे। ताकि दोनों देशों के बीच कश्मीर मसले को लेकर उपजे तनाव को कम किया जा सके।
पाकिस्तानी अखबार ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ कि एक रिपोर्ट के मुताबिक तीन सितंबर को जब सऊदी अरब के विदेश मंत्री अदेल अल-जुबेर और संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री अब्दुल्लाह बिन अल-नाहयान पाकिस्तान दौरे पर आए थे। इस दौरान इन्होंने अपने अपने देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ कुछ अन्य शक्तिशाली मुस्लिम राष्ट्रों का संदेश पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को सौंपा था। साथ ही उन्होंने इमरान को साफ-साफ कह दिया था कि वह भारत के साथ बैक डोर डिप्लोमेसी शुरू करें।
जानकारी अनुसार प्रिंस सलमान के साथ मुलाकात में इमरान ने सऊदी अरब में अरामको तेल संयंत्रों पर हाल ही में हुए हमलों की भी निंदा की। इस दौरान दोनों के बीच आपसी हितों और द्विपक्षीय संबंधों के मुद्दों पर चर्चा हुई। इससे पहले जेद्दा के रॉयल टर्मिनल पर मक्का के गवर्नर खालिद बिन फैसल अल सऊद और सऊदी अरब के विदेश मंत्री डॉ इब्राहिम अल आसफ ने इमरान खान की अगवानी की। इस दौरे पर खान के साथ 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गया है।
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