
सोशल मीडिया साइट्स फेसबुक और ट्विटर के साथ ही वॉट्सऐप पर एक विडियो इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि करॉना वायरस से जूझ रहे चीन के प्रधानमंत्री (ली केकियांग) ने इस स्थिति से बचने के लिए मस्जिद में नमाज़ पढ़ी और दुआ मांगी।
फेसबुक यूज़र ‘Aijaz khan’ ने यह विडियो शेयर किया और साथ में लिखा, ‘चीन के प्रधानमंत्री खुद मस्जिद पहुंचे नमाज़ पढ़ी और दुआ मांगी। #कोरोना वायरस…’
पोस्ट को खबर लिखे जाने तक 21 हज़ार बार शेयर किया गया और लगभग ढाई लाख लोग इसे देख चुके हैं।
China president xi jinping visited masjid (Mosque)and request Muslims for dua (prayers) in present crisis country going through.we need your help. pic.twitter.com/ymntDiqQUv
— Billionaire Of 2020 (@Mimiengblog2) February 5, 2020
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टाइम्स फैक्ट चेक के एक पाठक ने हमारे वॉट्सऐप नंबर पर यह विडियो भेज इसकी सच्चाई जाननी चाही। यूज़र की निजता का ध्यान रखते हुए हमने उनका नाम छिपा दिया है।

सच क्या है?
विडियो मलयेशियाई पीएम का है न कि चीन के प्रधानमंत्री का। इतना ही नहीं यह विडियो साल 2004 का है जब मलयेशिया के तत्कालीन प्रधानमंत्री अब्दुल्ला अहमद बदावी अपनी चीन की यात्रा के वक्त मस्जिद पहुंचे थे।
कैसे की पड़ताल?
विडियो में ऊपर दाईं तरफ ‘AP’ का लोगो है। इससे यह स्पष्ट है कि विडियो न्यूज़ एजेंसी असोसिएटेड प्रेस का है। इससे हिंट लेकर हमने यूट्यूब पर ‘PM visits mosque AP video’ कीवर्ड्स सर्च किए और सबसे ऊपर हमें AP Archive के वेरिफाइड हैंडल से 21 जुलाई, 2015 को अपलोड किया विडियो मिला। यह विडियो ठीक वैसा ही था जैसा अब चीन के प्रधानमंत्री द्वारा मस्जिद में नमाज़ पढ़ने के दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
विडियो के साथ दी गई जानकारी के मुताबिक, ‘चीन की 5 दिवसीय यात्रा के दूसरे दिन, मलयेशियाई प्रधानमंत्री अब्दुल्ला अहमद बादावी ने पेइचिंग के Nan Xia Po मस्जिद का दौरा किया और जुम्मे की नमाज़ पढ़ी। यह मस्जिद चीन की सबसे पुरानी मस्जिदों में से एक है जिसे करीब 300 साल पहले चिंग राजवंश द्वारा बनवाया गया था।’ बता दें कि फिलहाल महातिर बिन मोहम्मद मलयेशिया के प्रधानमंत्री हैं।
विडियो के साथ दिए डिस्क्रिप्शन में AP आर्काइव वेबसाइट का लिंक भी था जहां इस विडियो के की जानकारी मौजूद थी। वेबसाइट के मुताबिक, यह विडियो 28 मई 2004 का है।
निष्कर्ष
टाइम्स फैक्ट चेक ने पाया है कि करॉना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए चीन के प्रधानमंत्री द्वारा मस्जिद में नमाज़ पढ़ने के दावा गलत है। इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा विडियो मलयेशिया के पूर्व पीएम का है, जब साल 2015 में वह पीएम पद पर रहते हुए चीन की यात्रा पर गए थे।
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