
कमलनाथ को 1984 के सिख दंगों के लिए जिम्मेदार मानते हैं और अकाली दल की यह कोशिश रहेगी कि कमलनाथ का कॉलर पकड़ कर उन्हें मंच से उतार दिया जाए।
दो दशकों से सहयोगी भाजपा और अकाली दल का गठबंधन दिल्ली में टूट गया है। शिरोमणि अकाली दल (शिअद बादल) ने विधानसभा चुनाव से अपने को अलग रखने का फैसला किया है।
प्रभा साक्षी पर छपी खबर के अनुसार, बीजेपी, कांग्रेस और आप चुनावी तैयारी में पूरे जोर-शोर से लगी है। कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की लिस्ट में सोनिया और राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के साथ ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ भी शामिल हैं।
ये स्टार प्रचारक दिल्ली की जनता से कांग्रेस प्रत्याशियों को वोट देने की अपील करते नजर आएंगे।
लेकिन कांग्रेस के स्टार प्रचारकों में कमलनाथ का नाम आने पर दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष और अकाली नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस पर आपत्ति जताई है।
उन्होंने कहा कि कमलनाथ जहां-जहां रैली करेंगे, अकाली दल वहां-वहां विरोध करेगा।
साथ ही उन्होंने बताया कि वो कमलनाथ को 1984 के सिख दंगों के लिए जिम्मेदार मानते हैं और अकाली दल की यह कोशिश रहेगी कि कमलनाथ का कॉलर पकड़ कर उन्हें मंच से उतार दिया जाए।
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