कपिल सिब्बल का अमित शाह पर हमला, कहा- ‘हिम्मत है तो गोडसे को आतंकी कह दें’

कपिल सिब्बल का अमित शाह पर हमला, कहा- ‘हिम्मत है तो गोडसे को आतंकी कह दें’

राज्यसभा में यूएपीए बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद कपिल सिब्बल ने सरकार पर खुलकर हमला बोला है. गृहमंत्री अमित शाह को टारगेट करते हुए कपिल सिब्बल ने कहा, किस स्टेज पर सरकार तय करेगी कि कोई आतंकी है. अगर हाफिज सईद है तो वह आतंकी है. गोडसे है तो आतंकी है, लेकिन आप में कहने की हिम्मत नहीं है. उन्होंने कहा, 1947 से आज तक आपके पास हिम्मत नहीं हुई कि आप गोडसे को आतंकी कह दें.

कपिल सिब्बल ने कहा, गृह मंत्री आप उठकर कह दीजिए. क्योंकि सब नजरिए की बात है. जिस नजरिए से देखते हैं वो आतंकी हो जाता है. आज आपने ऐसे लोगों को जेल में रखा है जो शिक्षाविद् हैं, संयुक्ट राष्ट्र से फंडिंग लेते हैं. उनको कल आप नोटिफिकेशन से आतंकी कह देंगे. यह सब आपकी मंशा पर निर्भर करेगा. उन्होंने आगे कहा, अगर गृह मंत्रालय ने किसी को आतंकी घोषित कर दिया तो उसके पास रिव्यू और ट्रिब्यूनल के पास जाने का अधिकार है, लेकिन बिल यह नहीं बताता कि उस व्यक्ति को क्यों और कब आतंकी घोषित किया.

उन्होंने कहा, किस चरण में आप किसी को आतंकी मान लेंगे, एफआईआर के वक्त, चार्जशीट के बाद, ट्रायल के बाद इस पर बिल में सफाई नहीं है. हमारे कानून में तो दोषी ठहराए जाने तक हर व्यक्ति निर्दोष है. ऐसे में आप ट्रायल के दौरान ही किसी को आतंकी घोषित कर सकते हैं. बिल में यह प्रावधान लाने का कोई मतलब नहीं है, कल को आप किसी अर्बन नक्सल को भी आतंकी बता सकते हैं. इसके बाद तो उसकी जिंदगी खराब होनी ही है.

राज्यसभा में यूएपीए बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस  सांसद कपिल सिब्बल ने कहा, इस कानून के तहत दर्ज मामलों में सजा की दर काफी कम है. कई मामले लंबित पड़े हैं. कुछ मामलों में ट्रायल नहीं होता और बेल नहीं मिलती, निर्दोष लोग कई सालों तक जेल में रहते हैं. पोटा में एक 12 साल के बच्चे को आरोपी दिखाया गया था. हर प्रदेश में इस कानून का दुरुपयोग हो रहा है. आतंकवाद से लड़ाई हम सभी चाहते हैं, लेकिन यह भी जान लें कि जमीन पर क्या होता है.

उन्होंने कहा, ऐसे विधेयकों के विवादित प्रावधानों को कमेटी के पास भेजा जाना चाहिए वरना फिर इन विधेयको को कोर्ट में चुनौती मिलती रहेगी. हमें उससे पहले ही इनकी खामियों को दूर कर लेना चाहिए. राज्यसभा में यूएपीए (Unlawful Activities Prevention Act) बिल पर आगे की चर्चा शुक्रवार को होगी. गृहमंत्री अमित शाह बिल पर अपना पक्ष रखेंगे. फिलहाल गुरुवार की कार्यवाही स्थगित कर दी गई है.

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