
केंद्रीय विधि व आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि एनआरसी का अब तक न तो ड्राफ्ट बना है और न ही इसका कोई स्वरूप। फिर इस मसले पर देश में क्यों बवाल हो रहा है। जहां तक नागरिकता संशोधन कानून- सीएए का सवाल है, इससे देश के मुसलमान सहित किसी भी समुदाय के नागरिकों पर लागू नहीं है। देश में रह रहे लोगों को इससे कोई खतरा नहीं है। इसलिए विरोध के नाम पर जो प्रायोजित हिंसा हो रही है, सरकार उससे सख्ती से निबटेगी।
रविवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री ने जदयू प्रवक्ता केसी त्यागी की ओर से एनआरसी के मसले पर एनडीए की बैठक बुलाए जाने के सवाल पर कहा कि वे प्रवक्ताओं के बयान की नोटिस नहीं लेते। जदयू एनडीए का हिस्सा है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बातचीत होती है। लोजपा द्वारा एनआरसी पर सवाल उठाए जाने पर कहा कि उनसे भी बातचीत होती रहती है। जब एनआरसी का ड्राफ्ट और कोई सिस्टम बनेगा तो जरूर बातचीत होगी। संविधान में संसद को कानून बनाने का अधिकार है। नागरिकता कानून केंद्र ही बनाएगी। हर राज्य को इसका पालन करना ही होगा। इसे लागू नहीं करने की बात बेमानी है।
विपक्षी दलों पर केंद्रीय मंत्री ने देश के साथ छलावा का आरोप लगाया। कहा कि नेहरू-लियाकत ने समझौता किया, इंदिरा गांधी और मनमोहन सिंह ने नागरिकता दी तो कोई सवाल नहीं हुए। जब चाय बेचने वाला का बेटा पीएम नागरिकता दे रहा है तो सवाल उठाए जा रहे हैं। सच्चाई है कि मनमोहन सिंह ने 2003 में इस बिल के समर्थन में भाषण दिया और 2004 में वे अपनी सरकार में इसे लाए भी। ट्वीट करने से पहले राहुल गांधी को मनमोहन सिंह, अशोक गहलोत व तरूण गोगोई से बात करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान या बंग्लादेश से आए शरणार्थियों में सबसे अधिक नमो शुद्र हैं। मायावती, कांग्रेस व राजद को बताना चाहिए कि क्या वह दलित-पिछड़ा विरोधी हैं। यह कानून कोई चोरी-छिपे नहीं संसद में दो दिनों की चर्चा के बाद बना है। राजद के बिहार बंद में पत्रकारों के साथ किए गए दुव्यर्वहार की केंद्रीय मंत्री ने भर्त्सना की।
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