
उच्चतम न्यायालय में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले की लगातार 33वें दिन सुनवाई चल रही है। अदालत में मुस्लिम पक्ष भारतीय पुरातन विभाग (एएसआई) की रिपोर्ट के आधार पर दलील दे रहे हैं।
गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने सुनवाई के दौरान कहा था कि 18 अक्तूबर को सुनवाई पूरी हो जानी चाहिए वरना जल्द फैसला आने की उम्मीद कम हो जाएगी।
अमर उजाला पर छपी खबर के अनुसार, अदालत में जिरह के दौरान वरिष्ठ वकील शेखर नफाडे ने कहा कि हिंदुओं के पास उस स्थान का सीमित अधिकार है। उनके पास चबूतरे का अधिकार है लेकिन वह इसका स्वामित्व हासिल करने की कोशिश कर रहे थे जिसे कि नकार दिया गया है।
हिंदुओं की तरफ से लगातार इसपर अतिक्रमण की कोशिशें की गईं। वहीं मुस्लिम पक्ष की ओर से एएसआई की रिपोर्ट पर बहस कर रहीं मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा कि एएसआई की रिपोर्ट में कहीं पर भा राम मंदिर का स्थान नहीं बताया गया है। राम चबूतरे को वाटर टैंक बताया गया है।
Syndicated Feed from hindi.siasat.com Original Link- Source