
ज़ायोनी प्रधानमंत्री ने एक किताब को फ़ुटरेस्ट के तौर पर प्रयोग करके विद्या का अपमान किया है। ज़ायोनी प्रधानमंत्री बिनयामीन नेतेनयाहू ने वल्ला वेबसाइट की महिला पत्रकार ताल शालू को इन्टरव्यू देते हुए एक किताब अपने जूतों के नीचे रखकर उसे एक फ़ुटरेस्ट के रूप में प्रयोग किया।
पार्स टुडे डॉट कॉम के अनुसार, यह किताब एक इस्राईली लेखक जदऊन अफ़रात ने लिखी है जिसका शीर्षक है ” One Hundred Years of Art in Israel”
अफ़रात ने बिनयामीन नेतेनयाहू की इस ओछी हरकत पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लिखा कि किसी को यह पसंद नहीं कि उसे पैरों तले रौंदा जाए।
निसंदेह जहां साहित्यिक किताबें पैरों तले रौंदी जाती हों वहां पर पढ़े लिखे लोगों और वैज्ञानिकों का कोई महत्व नहीं होगा और उन्हें भी पैरों तले रौंदा जाएगा। कट्टरपंथी ज़ायोनी प्रधानमंत्री को अपनी इस ओछी हरकत की वजह से व्यापक विरोध का सामना करना पड़ा है।
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