नई दिल्ली: ऑल इंडिया मजलिस ऐ इत्तिहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष बैरिस्टर असदउद्दीन ओवैसी ने भारत सरकार में गृहमंत्री अमित शाह की जमकर आलोचना करी है,ओवैसी ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह का जम्मू कश्मीर (Jammu kashmir) के संदर्भ में यह कहना कि पाबंदियां केवल लोगों के दिमाग में है, इत्यादि-इत्यादि सही नहीं है. क्योंकि माकपा नेता सीता राम येचुरी और अन्य को वहां जाने के लिए उच्चतम न्यायालय से गुहार लगानी पड़ी. कश्मीर में अभी भी मोबाइल सेवाएं बहाल नहीं हुई हैं।
ओवैसी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी को अपने राज्य जाने के लिए उच्चतम न्यायालय से अनुमति लेनी पड़ी. इसी प्रकार माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी को अपने पार्टी के बीमार विधायक को देखने जाने के लिए भी उच्चतम न्यायालय जाना पड़ा।
उन्होंने कहा, ‘शाह जो भी कुछ भी कह रहे हैं, सच्चाई बयां नहीं कर रहे हैं.’ ओवैसी ने गृहमंत्री पर सच्चाई न बताने का आरोप लगाते हुए कहा,’ शाह ने संसद में यह कह कर गलत किया कि फारूक अब्दुल्ला स्वतंत्र हैं. बाद में उन्हें पीएसए के तहत हिरासत में ले लिया गया.’ ओवैसी ने आगे कहा, ‘अगर वह सच बोल रहे हैं, तो कश्मीर में अघोषित आपालकाल क्यों हैं? क्यों वहां सेब बेचने वाला सेब नहीं बेचना चाह रहा? वहां स्कूल क्यों नहीं खुल रहे हैं?’
कश्मीर घाटी में अब कोई प्रतिबंध नहीं
गौरतलब है कि अमित शाह ने रविवार को कहा था कि कश्मीर घाटी में अब कोई प्रतिबंध नहीं है और समूचे विश्व ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को हटाने का समर्थन किया है. शाह ने यह भी कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पांच अगस्त को लिए गए साहसिक कदम की वजह से जम्मू-कश्मीर अगले 5-7 साल में देश का सबसे विकसित क्षेत्र होगा.
कश्मीर घाटी में अब कोई प्रतिबंध नहीं है और समूचे विश्व ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को हटाने का समर्थन किया है।
साथ ही गृह मंत्री ने घाटी में दुष्प्रचार फैलाने के लिए विपक्ष की आलोचना भी की थी. राष्ट्रीय सुरक्षा पर एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए शाह ने कहा था, ‘प्रतिबंध कहा हैं? यह सिर्फ आपके दिमाग में हैं. कोई प्रतिबंध नहीं हैं. सिर्फ दुष्प्रचार किया जा रहा है.’ गृह मंत्री ने कहा था कि कश्मीर में 196 थाना-क्षेत्रों में से हर जगह से कर्फ्यू हटा लिया गया है और सिर्फ आठ थाना-क्षेत्रों में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत पाबंदियां लगाई गई हैं
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