
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने पशु चिकित्सक से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के आरोपियों के एनकाउंटर की जांच शुरू कर दी है। एनएचआरसी की टीम शनिवार को हैदराबाद पहुंची और मौके पर जाकर पड़ताल की। सूत्रों के मुताबिक, टीम ने महबूबनगर के सरकारी अस्पताल का दौरा भी किया, जहां आरोपियों के शवों को रखा गया है। इसके बाद एनएचआरसी की टीम शहर के बाहरी इलाके में स्थित एनकाउंटर स्थल का भी दौरा किया। जहां महिला चिकित्सक के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था और पुलिस ने आरोपियों का एनकाउंटर किया था।
इससे पहले, आयोग ने एनकाउंटर का संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को जांच के आदेश दिए थे। आयोग ने कहा था कि एनकाउंटर चिंता का विषय है और इसकी सावधानीपूर्वक जांच किए जाने की जरूरत है।
हैदराबाद एनकाउंटर की होगी जांच, पुलिस ने दर्ज की शिकायत
पुलिस ने हैदराबाद एनकाउंटर की जांच करने की तैयारी शुरू कर ली है। शादनगर पुलिस स्टेशन में एसीपी ने शुक्रवार को एनकाउंटर की जांच के लिए शिकायत दर्ज की है।
आरोपियों पर पुलिस पर हमला करने का केस
इस बीच, पुलिस ने एनकाउंटर में मारे गए आरोपियों के खिलाफ पुलिसकर्मियों पर हमला करने का मामला दर्ज किया है। चारों के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 (हत्या की कोशिश), धारा 176 और भारतीय शस्त्र कानून की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों को घटनास्थल पर लेकर गई टीम के प्रभारी की शिकायत के आधार पर शुक्रवार को केस दर्ज किया गया।
तालिबान शैली से अप्रासंगिक हो जाएंगी अदालतें: सिब्बल
वहीं एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने हैदराबाद एनकाउंटर को ‘रक्तपात बनाम नियत प्रक्रिया’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाने की बजाय खून का बदला खून और तालिबान शैली वाले न्याय से अदालतें प्रासंगिक हो जाएंगी। अगर यह पाया जाता है कि एनकाउंटर फर्जी है तो यह बेहद गंभीर मामला है। अगर पुलिस कानून हाथ में लेगी तो यह गलत और दुखद है।
Syndicated Feed from hindi.siasat.com Original Link- Source