
पाकिस्तान सरकार ने देश में बंद पड़े हिंदू मंदिरों को फिर से नई साज सज्जा के साथ खोलने का फैसला किया है. पाकिस्तान का हिंदू समुदाय लंबे समय से इसकी मांग करता रहा है. ‘रेडियो पाकिस्तान’ की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में सत्तारूढ़ पार्टी तहरीके इंसाफ के केंद्रीय सूचना सचिव अहम जवाद ने यह जानकारी दी है.
उन्होंने अपनी पार्टी की सरकार की दस उपलब्धियों का ब्योरा जारी करने के दौरान हिंदू मंदिरों से जुड़े फैसले की जानकारी दी. फवाद ने अपने बयान में कहा कि देश का हिंदू समुदाय लंबे समय से इन बंद पड़े मंदिरों को खोलने की मांग करता रहा है. सरकार ने अब इस पर सहमति जताते हुए इन मंदिरों को नए सिरे से खोलने का फैसला किया है.
बयान में जवाद ने सरकार की जिन दस उपलब्धियों का उल्लेख किया है, उनमें सरकारी विमानन कंपनी पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के घाटे में कमी और बिजली उत्पादन की 11 परियोजनाओं पर समझौता शामिल हैं. बयान में दावा किया गया है कि टेक्सटाइल के निर्यात में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। ग्वादर में चीन की मदद से अत्याधुनिक अस्पताल का निर्माण शुरू हो चुका है. युवाओं के स्वरोजगार के लिए योजना भी शुरू कर दी गई है.
बता दें कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने शनिवार को ऐतिहासिक करतारपुर गलियारे के उद्घाटन के मौके पर कश्मीर मुद्दा उठाया और कहा कि कश्मीरियों के लिए इंसाफ सुनिश्चित करने से भारत एवं पाकिस्तान के बीच संवाद के नये चैनल खुलेंगे तथा उनके संबंधों में सुधार आएगा. उन्होंने कहा कि कश्मीर मुद्दे से दोनों देशों के बीच 70 सालों से नफरत पलता गया और यही समय है कि दोनों पक्ष दोनों देशों के विकास एवं समृद्धि का नया मार्ग तैयार करने के लिए इसके समाधान का प्रयास करें. खान ने उम्मीद जतायी कि करतारपुर गलियारे के खुल जाने से दुनियाभर में सिखों में सद्भावना पैदा होगी . उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा करतारपुर साहिब का सिखों के लिए वही महत्व है जो मदीना का मुसलमानों के लिए महत्व है
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