
यूपी के पीलीभीत में सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल फुरकान अली का निलंबन रद्द कर दिया है. योगी प्रशासन ने उनकी सेवाओं को बहाल करने का आदेश दिया है. हालांकि पीलीभीत के स्कूल से उनका ट्रांसफर करके प्राथमिक बख्तावर लाल द्वितीय नगर क्षेत्र बीसलपुर में ट्रांसफर कर दिया है. दिया गया है. शिक्षक फुरकान अली दिव्यांग हैं, इसलिए प्रशासन ने मानवीय आधार पर निलंबन रद्द कर दिया.
बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से उन्हें हिदायत दी गई है कि वे विभागीय निर्देश का पालन करेंगे साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे. पीलीभीत जिले के एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल को इसलिए सस्पेंड कर दिया गया था क्योंकि स्कूल में मशहूर शायर इकबाल की नज्म ‘लब पे आती है दुआ बनके तम्मना मेरी’ का पाठ कराया जाता था.
प्रार्थना की शिकायत विश्व हिंदू परिषद(विहिप) और बजरंग दल की शिकायत के बाद की गई थी. इन संगठनों ने आरोप लगाया था कि छात्र सुबह की प्रार्थना में ‘लब पे आती है दुआ बनके तमन्ना मेरी’ नज्म गा रहे थे.
लब पे आती है दुआ नज्म को को अल्लामा इकबाल के नाम से प्रसिद्ध मोहम्मद इकबाल ने 1902 में लिखी थी. इकबाल ने ही ‘सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा’ को भी लिखा था. ‘लब पे आती है दुआ’ आज भी देश के कई हिस्सों में गाया जाता है. पाकिस्तान के हर मदरसे और स्कूलों में इसे रोजाना गाया जाता है.
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