मेक्सिको ने 311 भारतीयों को वापिस भेजा, ट्रंप की धमकी के बाद मेक्सिको ने….!

मेक्सिको ने 311 भारतीयों को वापिस भेजा, ट्रंप की धमकी के बाद मेक्सिको ने….!

अवैध तरीके से अमेरिकन ड्रीम को पूरा करने की 311 भारतीयों की नाकाम कोशिश उन्हें वापस स्वदेश ले आई है। उनके लाखों रुपये तो डूबे ही, परेशानी और डिपॉर्ट किए जाने की शर्मिंदगी ऊपर से झेलनी पड़ी। दरअसल, मेक्सिको ने गुरुवार को इन भारतीयों को अवैध रूप से देश की सीमा में प्रवेश करने और रहने के कारण डिपॉर्ट कर दिया। ये लोग मेक्सिको से अमेरिका में घुसने की तैयारी में थे। मेक्सिको से इन सभी भारतीयों को दिल्ली रवाना किया गया और शुक्रवार की सुबह बोइंग 747-400 चार्टर विमान से आईजीआई एयरपोर्ट पहुंचे। मेक्सिको के नैशनल माइग्रेशन इंस्टिट्यूट (आईएनएम) की ओर से यह जानकारी साझा की गई है।

माइग्रेशन एजेंट के जरिए पहुंचे थे मेक्सिको

आईएनएम की ओर से जारी बयान के अनुसार, ‘जिन प्रवासियों को वापस भेजा गया है, वे 60 फेडरल माइग्रेशन एजेंटों के जरिए यहां पहुंचे थे। हमारी जांच में पता चला कि इनके पास पर्याप्त दस्तावेज नहीं थे। नियमित तौर पर रहने के लिए आवश्यक दस्तावेज नहीं होने के बाद भी पिछले कई महीनों से ये यहां रह रहे थे।’

 

6 साल की गुरप्रीत की दुखद मौत की टीस हुई जिंदा
311 भारतीयों को एक साथ डिपॉर्ट किए जाने की इस घटना ने एक बार फिर जून में हुई त्रासदी की याद दिला दी। पंजाब से गई एक फैमिली की 6 साल की बच्ची की जून में लू लगने के कारण अरिजोना रेगिस्तान में यूएस-मेक्सिको बॉर्डर पर मौत हो गई थी। बच्ची की मां सीमा पानी के लिए गई थी, जिस वक्त लू लगने के कारण बच्ची ने दम तोड़ दिया था। बच्ची की लाश उस वक्त मिली जब 2 भारतीय महिलाओं को पट्रोलिंग के दौरान यूएस बॉर्डर पर रोका गया। दोनों महिलाओं ने बताया कि कुछ घंटे पहले तक उनके साथ एक और मां अपने 2 बच्चों के साथ थी। जांच के दौरान बच्ची गुरप्रीत कौर की लाश मिली। इस घटना के बाद पूरे विश्व में प्रवासी संकट  लेकर बहस शुरू हो गई थी।

US में प्रवेश के लिए एजेंट्स को दिए थे 25-30 लाख
सूत्रों का कहना है कि ग्रुप के सभी सदस्यों ने 25-30 लाख रुपये एजेंट्स को दिए थे। मेक्सिको बॉर्डर के जरिए इन एजेंट्स ने सभी भारतीयों से अमेरिका की सीमा में प्रवेश और नौकरी दिलाने का वादा किया था। इस रकम में हवाई यात्रा के साथ ही मेक्सिको में ठहरने की व्यवस्था, खाने-पीने का इंतजाम भी शामिल था। सूत्रों ने बताया कि एजेंट्स ने एक सप्ताह से लेकर 1 महीने तक का समय यूएस सीमा में प्रवेश के लिए दिया था।

अवैध प्रवासियों के पास नहीं थे पर्याप्त दस्तावेज
मेक्सिको के नैशनल माइग्रेशन इंस्टिट्यूट के अनुसार, नियमित तौर पर रहने के लिए जरूरी दस्तावेज डिपॉर्ट किए प्रवासियों के पास नहीं थे। इन सभी को इमिग्रेशन अथॉरिटी के सामने पेश किया गया। मेक्सिको को ओकासा, बाजा कैलिफॉर्निया, वरॉक्रूज, चिपास, सोनोरा, मेक्सिको सिटी, दुरंगो प्रशासन के सामने सभी अवैध प्रवासियों को पेश किया गया।

ट्रंप की धमकी के बाद मेक्सिको ने सख्त की प्रवासी नीति
मेक्सिको का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने जून में चेतावनी दी थी कि अगर मेक्सिको ने अपने देश की सीमा से अमेरिका में घुसने वाले लोगों पर लगाम नहीं लगाई तो वह देश से होने वाले सभी आयातों पर सीमा शुल्क लगा देगा। ऐसे में मेक्सिको अपनी सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने और प्रवासियों को वापस भेजने की अपनी नीति को विस्तार देने पर सहमत हुआ है।

Syndicated Feed from hindi.siasat.com Original Link- Source

اپنی رائے یہاں لکھیں

Discover more from ورق تازہ

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading