
पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटाने के साथ ही महबूबा मुफ्ती को सुरक्षा के नाम पर हिरासत में ले लिया गया था। इस याचिका को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस एसए नजीर की पीठ के सामने गुरुवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
अपने वकील आकर्ष कामरा के जरिये शीर्ष अदालत में लगाई याचिका में इल्तिजा ने अपनी मां के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताते हुए कहा है कि वह पिछले एक महीने से उनसे नहीं मिल सकी है।
इल्तिजा ने याचिका में अपने लिए ठीक वैसी ही राहत की मांग की है, जैसी कि शीर्ष अदालत ने माकपा महासचिव सीताराम येचुरी की याचिका पर उन्हें दी थी।
अमर उजाला पर छपी खबर के अनुसार, येचुरी ने अपनी पार्टी के सहयोगी मोहम्मद यूसुफ तरीगामी के खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर 28 अगस्त को शीर्ष अदालत से उनसे मिलने की इजाजत देने की गुहार लगाई थी। शीर्ष अदालत ने 29 अगस्त को उन्हें तरीगामी से मिलने की इजाजत दे दी थी।
माना जा रहा है कि गुरुवार को शीर्ष अदालत इल्तिजा से भी वैसे ही शपथपत्र की मांग कर सकती है, जैसा येचुरी ने दिया था। शीर्ष अदालत ने येचुरी को तरीगामी से मिलकर सिर्फ उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछने की इजाजत दी थी। साथ ही इस दौरे में किसी भी राजनीतिक गतिविधि को अंजाम देने के लिए प्रतिबंधित किया था।
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