
नोबेल पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले के बसीरहाट प्रखंड में भड़की सांप्रदायिक हिंसा चिंता की बात है।
समय धारा पर छपी खबर के अनुसार, अमर्त्य सेन ने यहां एक समाचार चैनल से कहा, “यह सब क्यों हो रहा है? क्या यह इसलिए हो रहा है, क्योंकि कोई इसे भड़का रहा है? यह चिंता की बात है।”
सेन ने कहा, “बंगाल में हिंदू-मुस्लिम समुदायों के बीच सह-अस्तित्व की संस्कृति है और लंबे समय से यह सह-अस्तित्व बिना की सामुदायिकता के बना रहा है। और अब अचानक धार उलटी बहने लगी है।
हम इससे निराश नहीं हो सकते और नहीं होना चाहिए। इस मामले में कुछ करने की जरूरत नहीं है..सिर्फ हमें इन चीजों से बाहर निकलने के उपाय करने होंगे।”
सेन यहां फिल्म निर्देशक सुमन घोष द्वारा अपने जीवन पर निर्मित वृत्तचित्र की स्क्रीनिंग के मौके पर आए हुए थे। बसीरहाट के बादुरिया में तीन जुलाई को एक फेसबुक पोस्ट को लेकर दो संप्रदायों में हिंसा भड़क उठी।
फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट शेयर करने वाले व्यक्ति को तो जल्द ही गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन भड़की भीड़ ने इस बीच इलाके में जमकर उपद्रव किया और दुकानों तथा घरों में तोड़फोड़ की, पुलिस वाहन सहित गाड़ियों को आग लगा दी और सड़क जाम कर दिया।
बसीरहाट प्रखंड के कई इलाकों में फैली व्यापक हिंसा में कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
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