
बाबरी मस्जिद – राम जन्म भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने आज 40वें दिन की सुनवाई पूरी कर ली जिसके बाद मध्यस्थता पैनल ने अपनी फाइनल रिपोर्ट 5 जजों की बेंच को जमा की। हिन्दुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार इस रिपोर्ट में समझौते को लेकर अहम बातों का जिक्र था। समझौते का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड द्वारा रखा गया था। लेकिन इस प्रस्ताव में सरकार के आगे तीन ऐसी शर्तें रखी गई जिससे देश के अन्य मुस्लमानों को इस समझौते पर एतराज न हो।
वक्फ बोर्ड रखी थी ये शर्त – यूपी सरकार अवस्था में पड़ी 22 मस्जिदों का पुनर्निर्माण कराए, 1991 के धार्मिक उपासना अधिनियम को सख्ती से लागू किया जाए और मुसलमानों को केंद्र सरकार के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के तहत सभी मस्जिदों का उपयोग करने की इज़ाज़त दी जाए।
बुधवार को अदालत ने फैसले को सुरक्षित रख लिया और कहा कि आवेदनों में बदलाव पर पक्षकारों से लिखित में तीन दिन में जवाब मांगा है। ये फैसला 17 नवम्बर से पहले आ जाएगा क्योंकि सीजेआई 17 नवम्बर को रिटायर हो रहे हैं।
सुनवाई पूरी होने के साथ सुरक्षा बलों की सरगर्मी भी तेज हो गई है। हाईवे से लेकर सरयू नदी के पुल और शहर के आंतरिक मार्गों से लेकर रामकोट तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवानों को तैनात कर सुरक्षा घेरा सख्त कर दिया गया है।
पुलिस प्रशासन ने नब्बे के दशक में चरम पर रहे मंदिर आन्दोलन के दौरान कारसेवकों की भीड़ को रोकने के लिए बनाई गई सभी सुरक्षा चौकियों को पुनर्जीवित कर दिया है।
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