
उत्तर केरल में नौशाद को नए कपड़ों का बंडल खोलने, ईद पर बिक्री के लिए उन्हें गोदाम में रखने और फिर उसे राहत शिविरों में रह रहे लोगों के बीच बांटने में बिल्कुल झिझक नहीं होती।
विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद अपना सब कुछ गंवा चुके लोग इन शिविरों में रह रहे हैं। नौशाद अपने नए कपड़ों का ज्यादातर हिस्सा खुद ही थैलों में डालते हैं और अपने सिर पर रखकर वाहनों तक ले जाते हैं ताकि उन्हें राहत शिविरों में पहुंचाया जा सके।
कोच्चि में फेरी लगाने वाले नौशाद ने त्योहारों पर बिक्री के लिए रखे नए कपड़ों के करीब दस बंडल दान कर दिए। ईद से पहले रविवार को कुछ स्वयंसेवियों ने उनसे राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए दान करने की खातिर संपर्क किया था।
ऐसे समय में जब अधिकतर लोग जरूरतमंदों की मदद के लिए पुराने कपड़े और अपनी बचत का छोटा हिस्सा दान करते हैं, नौशाद ने अपनी पूरी कमाई उन लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने में खर्च कर दी जिनसे वह न तो कभी मिले थे और न ही उन्हें जानते थे।
इंडिया टीवी न्यूज़ डॉट कॉम के अनुसार, नौशाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह कार्यकर्ताओं के साथ कपड़े पैक करते हुए और उन्हें वाहन तक ले जाते हुए दिख रहे हैं। नौशाद ने जब थैले में नए कपड़े भरना शुरू किया तो कार्यकर्ताओं ने उन्हें चेताया कि वह काफी कुछ दान कर रहे हैं और इससे त्योहारों पर उनका व्यवसाय प्रभावित होगा।
इस पर मुस्कुराते हुए नौशाद ने कहा, ‘‘जब हम इस दुनिया से विदा होते हैं, हम कुछ लेकर नहीं जाते। जरूरतमंदों की मदद करना ही मेरा लाभ है। क्या हम इस तरीके से ईद नहीं मना सकते? मेरा ईद इसी तरह का है।’’ उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि चंदे में दिया गया उनका कपड़ा जरूरतमंदों तक पहुंचेगा।
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