रोज़ाना सैकड़ों की तादाद में मर्द वख़वातीन इस धरने में शरीक हो रहे हैं ।इस धरने की ताईद में ना सिर्फ सयासी जमातें बल्कि मुख़्तलिफ़ समाजी-ओ-मिली तन्ज़ीमों के ज़िम्मा दारान ने शिरकत कर अपनी ताईद का इज़हार किया है ।नांदेड़ के शाहीन बाग़ में ख़वातीन का जोश-ओ-ख़ुरोश देखने के काबिल है ।रोज़ाना तप्ती और चिलचिलाती-धूप में भी ख़वातीन अपने छोटे छोटे बच्चों के साथ कसीर तादाद में शरीक हो रही है ।ये इस बात की अलामत है कि उनके जोश में किसी भी तरह की कोई कमी नहीं है ।नांदेड़ के शाहीन बाग़ में रोज़ाना मुख़्तलिफ़ तन्ज़ीमों के ज़िम्मा दारान शरीक हो कर अपने ख़्यालात का इज़हार कर रहे हैं ।जिस में टीपू सुलतान ब्रिगेड के क़ौमी सदर शेख़ सुबहान अली , जमाता अलमायमहमूद मदनी के रियास्ती सदर हाफ़िज़ नदीम सिद्दीक़ी ,मारूफ़ अदीब अशोक ढोले ,डाक्टर सिंह रतन करर्य,लंदन से वापिस हिन्दोस्तान आए हुए एमजे शाहीन ,ऐडवोकेट अशोक का पसीकर ,डाक्टर ऐस ऐम ऐच कादरी ,किरण चद्रावार ,गंगाधर गायकवाड़ के नाम शामिल है।इस से क़बल कांग्रेस के सरकरदा लीडर-ओ-रियास्ती का बीनी वज़ीर अशोक चौहान ने भी धरने में शरीक हो कर अपनी ताईद का ऐलान किया था और इस मुआमले में जल्द ही वज़ीर-ए-आला उद्धव ठाकरे से गुफ़्तगु कर के सी ए ए और उन पी आ रुको रियासत में लागू ना करने की मांग करेंगे ।लेकिन मुख़्तलिफ़ पार्टीयों के मुख़्तलिफ़ ख़्यालात हो सकते हैं लेकिन रियासत में कांग्रेस ,एन सी पी और शिवसेना के अहम ज़िम्मा दारान मिल बैठ कर उस के लिए किया रास्ता निकाला जा सकता है हम उस के बारे में तबादला-ए-ख़्याल करेंगे
नांदेड़ के शाहीन बाग़ एहितजा में मर्द-ओ-ख़वातीन के इलावा तलबा भी शरीक हो रहे हैं और अपनी सलाहीयतों का मुज़ाहरा पेश करते हुए तक़रीरें ,नज़्में और गीत पेश कर रहे हैं ।वहीं दूसरी तरफ़ क़ौमी सतह के चंद इश्तिआल पसनदटी वी चैनलों की जानिब से तास्सुबाना ज़हनीयत का मुज़ाहरा करते हुए नांदेड़ के पुरअमन और दस्तूरी तरीक़े से जारी एहितजाजी धरने को बदनाम करने की हर मुम्किन कोशिश कर रहे हैं और लगातार झूटी अफ़्वाहें फैला रहे हैं ।इसके ज़रीया नांदेड़ के शाहीन बाग़ को ख़त्म करने नाकाम कोशिशें की जा रही है ।इस बारे में कल जमाती तहरीक के ज़िम्मा दारान ने कहा कि ऐसे फ़िकऱ्ापरस्त ज़हनीयत रखने वाले इंडिया टीवी और नाइमस नाव चैनलों को हम ये बताना चाहते हैं कि आप हमारे बारे में कितना भी ग़लत যब दिखाएंगे लेकिन हम दस्तूर के दायरे में हमारा एहतिजाज उस वक़्त तक जारी रखेगे जब तक मोदी हुकूमत ये काला क़ानून वापिस नहीं ले लेती
इलैक़्ट्रोनिक मीडीया के चंद चैनल्स मुसलसल नांदेड़ के शाहीन बाग़ को आकर कवरेज के बहाने उल्टे सीधे बातें अपने चैनल के ज़रीया लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं ।हम ऐसे चैनलों की शदीद मुज़म्मत करते हैं ।जब कि जिस दिन से नांदेड़ का शाहिन बाग़ एहितजाजी मुज़ाहरा शुरू हुआ है इस वक़्त से पुलिस और उनके आला आफ़िसरान मुसलसल इस शाहीन बाग़ पर नज़र रखे हुए हैं ।और अभी तक उनकी जानिब से किसी भी किस्म की शिकायत दस्तयाब नहीं हुई है ये भी इस बात का सबूत है कि मीडीया की जानिब से किस तरह बे-बुनियाद झूटी ख़बरें फैला रहा है ।हालाँकि नांदेड़ का शाहीन बाग़ पुरअमन और दस्तूरी तरीक़े से चल रहा है