
सुप्रीम कोर्ट में आर्टिकल 370 को लेकर दायर हुई 10 याचिकाओं पर सुनवाई प्रारंभ हो गई है। आपको बताते जाए कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद काे कमजोर की थी। धारा 370 को कमजोर करने के खिलाफ कई ग्रुप, व्यक्तियों ने अदालत में याचिका लगाई है।
खास खबर पर छपी खबर के अनुसार, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले की सुनवाई अक्टूबर में करेगा, इस मामले को अदालत की संविधान पीठ सुनेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने इसी के साथ ही जम्मू-कश्मीर में मीडिया की आज़ादी को लेकर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। अदालत ने केंद्र सरकार को सात दिन में जवाब देने को कहा है।
जामिया के एक छात्र की आेर से दायर याचिका पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने पूछा है कि आज क्या पॉजिशन है, क्या आप अपने माता-पिता से संपर्क साध पाए हैं।
चीफ जस्टिस ने याचिकाकर्ता को अनंतनाग जाने की अनुमति दे दी है, ताकि वह अपने परिवार से मिल सके और बाद में दोबारा कोर्ट को रिपोर्ट करें। सॉलिसिटर जनरल ने कहा है कि वह इसकी व्यवस्था करेंगे।
दूसरी याचिका में सुप्रीम कोर्ट ने लेफ्ट नेता सीताराम येचुरी को भी श्रीनगर जाने की इजाजत दे दी है। सीताराम येचुरी ने अपने विधायक एमवाई तरिगामी से मिलने की अनुमति मांगी थी।
इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि हम आपको आपके दोस्त से मिलने की इजाजत देंगे, लेकिन इस दौरान आप कुछ और काम नहीं कर पाएंगे। चीफ जस्टिस ने कहा कि सरकार उन्हें क्यों रोक रही है?
वह देश के नागरिक हैं अगर अपने दोस्त से मिलना चाहते हैं, तो मिल सकते हैं। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि ये पर्सनल नहीं, पॉलिटिकल विजिट थी। हालांकि, चीफ जस्टिस ने कहा कि हम सिर्फ उनके दोस्त से मिलने की इजाजत दे रहे हैं।
Syndicated Feed from hindi.siasat.com Original Link- Source